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मध्य प्रदेश के धार में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. कोराना महामारी की दूसरी लहर में मृत घोषित किया गया एक शख्स करीब दो सालों के बाद अहमदाबाद से जिंदा लौट आया है. उस व्यक्ति की पहचान कमलेश के रूप में हुई है.
बता दें कि साल 2021 में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान 30 साल के कमलेश को महामारी की वजह से मृत घोषित कर दिया गया था. वो शादीशुदा था. कोरोना की वजह से कथित मौत होने के कारण एसओपी की वजह से उसका शव परिवार को नहीं सौंपा गया था. उसका अंतिम संस्कार तय नियम के मुताबिक कर दिया गया था.
अब करीब दो साल बाद घर लौटने पर उस व्यक्ति ने अपने साथ हुई घटना की पूरी कहानी बताई है. सदमे की स्थिति कमलेश ने कहा कि वह तब से अहमदाबाद में एक गिरोह के कब्जे में था. हर दिन उसे नशीला इंजेक्शन दिया जा रहा था.
कमलेश की पहचान उसकी पत्नी और परिवार के सदस्यों द्वारा की गई है. अब इस मामले में आगे की जांच की जा रही है. ऐसा ही एक मामला बिहार की राजधानी पटना में भी सामने आया था. हालांकि वो कोरोना से जुड़ा हुआ नहीं था.
परिवार ने किया अंतिम संस्कार, तीन दिन बाद लौट आया शख्स
देवन राय नाम का शख्स एक सप्ताह पहले लापता हो गया था. आनन-फानन में उसके परिजनों ने दीघा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. जांच के दौरान 2 दिन पहले पुलिस ने गंगा तट से एक व्यक्ति का शव बरामद किया.
पुलिस ने आनन-फानन में शव का पोस्टमार्टम कराया. इसके बाद पुलिस ने उसे देवन राय का शव बताया और इसकी पुष्टि कर शव परिजनों को सौंप दिया. परिजनों ने भी अपने परिवार के सदस्य को मरा हुआ मानकार हिंदू रीति-रिवाज से शव का अंतिम संस्कार कर दिया.
अंतिम संस्कार किए जाने के तीन दिन बाद ही देवन राय जिंदा वापस लौट आए, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. देवन राय ने परिजनों को बताया कि कुछ लोग उसे बहला-फुसलाकर काम की तलाश में काफी दूर लेकर चले गए थे. उन्होंने कहा किसी तरह अपने घर वापस लौटकर आए हैं.