
Gwalior News: हरियाणा के पलवल इलाके से एक 17 साल का किशोर गायब हो गया था. परिजनों ने उसकी तलाश की, फिर थाने में एफआईआर दर्ज कर दी. पुलिस ने भी अपहरण की धाराओं में एफआईआर दर्ज करते हुए नाबालिग की तलाश शुरू कर दी. सोशल मीडिया के माध्यम से परिजनों को किशोर की सूचना ग्वालियर में मिली. जब ग्वालियर की क्राइम ब्रांच किशोर को खोजते हुए किन्नरों के डेरे पर पहुंची तो हैरान रह गई, क्योंकि जिस किशोर को तलाशते हुए पुलिस किन्नरों के पास पहुंची थी, वहां उन्हें किशोर की जगह किशोरी मिली. हैरान कर देने वाला यह घटनाक्रम ग्वालियर के लधेड़ी इलाके में सामने आया है.
दरअसल, हरियाणा के पलवल इलाके में रहने वाला एक 17 वर्षीय किशोर 2 महीने पहले अपने घर से अचानक गायब हो गया था. घर वालों को जब उनका बेटा नहीं मिला तो थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई. नाबालिग होने की वजह से पुलिस ने अपहरण की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली. पुलिस लगातार नाबालिग की तलाश करती रही.
किन्नरों के डेरे पर पहुंची पुलिस रह गई हैरान
पिछले दिनों किशोर के परिजनों ने उसकी एक फोटो सोशल मीडिया पर देखी. तब उन्हें मालूम हुआ कि उनका बेटा तो ग्वालियर में है. किशोर के पिता ने तुरंत ग्वालियर एसपी राजेश सिंह से फोन पर संपर्क करके पूरी बात बताई. जिसके बाद ग्वालियर क्राइम ब्रांच की एक टीम किशोर को ट्रेस करते हुए उपनगर ग्वालियर के लधेड़ी इलाके में किन्नरों के डेरे पर पहुंच गई.
डेरे पर जब पुलिस ने किशोर को तलाश किया तो पुलिस हैरान रह गई, क्योंकि जिस किशोर को पुलिस तलाश कर रही थी वह लड़की के रूप में वहां रह रहा था. यह देखकर पुलिस कुछ देर के लिए तो चकरा गई. इसके बाद पुलिस ने लड़की के वेश में रह रहे किशोर को अपने साथ लिया और किन्नरों के डेरे से निकल आई.
पढ़ाई में मन नहीं लगता था, नाचने का शौक
पुलिस ने पूछताछ की तो किशोर ने बताया कि उसे उसके माता-पिता डांटा करते थे, क्योंकि उसका मन पढ़ाई में नहीं लगता था और उसे नाचने गाने का शौक था. इसी वजह से उसके घर में उसे डांट पड़ती थी और इसी डांट से नाराज होकर उसने अपनी इच्छा से घर छोड़ दिया था.
मुंबई के लिए निकला और ग्वालियर में उतर गया
किशोर ट्रेन में बैठकर मुंबई जाने के लिए निकला था, लेकिन बीच सफर में ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर वह ट्रेन से उतर गया. इसके बाद उसने लोगों से यहां रहने वाले किन्नरों का पता पूछा और फिर वह लधेड़ी इलाके में रहने वाले किन्नरों के पास पहुंच गया और यहीं पर वह लड़की की वेश में किन्नरों के साथ रहने लगा. पुलिस ने किशोर को किन्नरों से मुक्त करके अपनी सुरक्षा में ले लिया. इसके बाद किशोर के पार्जन भी ग्वालियर पहुंच गए. ग्वालियर पुलिस द्वारा पलवल पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी गई और किशोर को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया.
घरवालों ने SP से किया था संपर्क
इस मामले में ग्वालियर क्राइम ब्रांच प्रभारी अमर सिंह सिकरवार ने aajtak से फोन पर हुई बातचीत में बताया कि किशोर के परिजनों ने एसपी साहब से फोन पर संपर्क किया था और एसपी के निर्देश पर ग्वालियर क्राइम ब्रांच की टीम ने किशोर की तलाश की थी. किशोर लधेड़ी इलाके में किन्नरों के घर मिल गया. किशोर लड़की के वेश में था. किशोर ने पुलिस को बताया कि उसे घर में डांट पड़ती थी, उसका मन पढ़ाई में नहीं लगता था और उसे नाचने गाने का शौक था. डांट की वजह से वह घर छोड़कर आ गया और यहां ग्वालियर में रेलवे स्टेशन से उतरकर किन्नरों का पता पूछते हुए उनके घर पहुंच गया. यहां किन्नरों के साथ उसने रहने की जिद की.
परिजनों के सुपुर्द किया
किन्नरों ने पुलिस में सूचना देने की बात कही लेकिन इसके लिए वह तैयार नहीं हुआ और वह लड़की के वेश में किन्नरों के साथ रहने लगा. हालांकि, वह किन्नरों के साथ कहीं बाहर नहीं जाता था, लेकिन उनके घर में ही लड़की के वेश में रहता था. समझाइश के बाद किशोर को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है.