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पूर्व विधायक की हत्या के आरोपी कोर्ट से बरी, 2009 में चुनाव प्रचार के दौरान हुआ था कत्ल

रणवीर जाटव का कहना है कि उनके पिता की बेरहमी से गोली मारकर हत्या की गई. इस मामले में जो भी आरोपी थे, वे सभी बरी भी हो गए. फिर उनके पिता को किसने मारा? रणवीर जाटव ने सीएम और सिंधिया के साथ ही भिंड के जिला पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है कि उनके पिता की हत्या के मामले में एक बार फिर अपील की जाए.

रणवीर जाटव. रणवीर जाटव.
हेमंत शर्मा
  • भिंड,
  • 28 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 8:13 PM IST

पूर्व कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव हत्याकांड के आरोपी को भिंड कोर्ट ने बरी कर दिया है. कोर्ट द्वारा दिए गए इस फैसले के बाद माखनलाल जाटव के बेटे रणवीर जाटव नाराज नजर आ रहे हैं. रणवीर जाटव ने 'आजतक' के सामने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उनके पिता की गोली मारकर हत्या कर दी गई, लेकिन उनकी हत्या करने वाले बरी हो गए.

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दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ था. 13 अप्रैल को गोहद से कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव भिंड लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी भागीरथ प्रसाद के प्रचार के लिए गोहद विधानसभा के छरेटा गांव में मौजूद थे. यहां रात 8 बजे विधायक माखनलाल जाटव पर हमला हुआ और गोली मारकर हत्या कर दी गई.

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विधायक की सनसनीखेज हत्या के बाद हड़कंप मच गया था. इस मामले में कांग्रेस ने सीधे तौर पर भाजपा नेताओं पर हत्या का आरोप लगाया था. पुलिस ने 3 दिन के अंदर ही बरहेड़ निवासी मेवाराम शर्मा और उसके नाबालिग बेटे नारायण शर्मा को गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद पुलिस ने गोहद के मशहूर वकील तेज नारायण शुक्ला समेत पांच अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया था.

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माखनलाल जाटव (फाइल फोट).

पर्याप्त सबूत न मिलने पर कोर्ट ने आरोपियों को किया बरी

इस तरह पूरे मामले में आठ आरोपी बनाए गए थे. मामला हाई प्रोफाइल था, इसलिए इसकी जांच सीबीआई ने की थी. माखनलाल जाटव के बेटे और गोहद से पूर्व विधायक रणवीर जाटव ने भाजपा नेता लाल सिंह आर्य पर अपने पिता की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था. लाल सिंह आर्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई. कोर्ट की ओर से लाल सिंह के खिलाफ वारंट जारी हुए. 

इस दौरान लाल सिंह आर्य को मंत्री रहते हुए भी फरार घोषित किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें राहत मिल गई और वे बरी हो गए. पिछले 15 सालों से यह मामला कोर्ट में चल रहा था. सीबीआई जांच के बाद कोर्ट में केस चलता रहा. 20 जुलाई 2024 को भिंड कोर्ट ने इस मामले में पर्याप्त सबूत न मिलने पर आरोपियों को बरी कर दिया. मृतक माखनलाल जाटव के बेटे रणवीर जाटव कोर्ट द्वारा दिए गए इस फैसले से बेहद आहत हैं.

मामले में रणवीर जाटव ने कही ये बात

माखनलाल जाटव के बेटे रणवीर जाटव ने कहा, मेरे पिता 2009 में चुनाव प्रचार के लिए गए थे, जहां उनकी हत्या कर दी गई. इस मामले को 15 साल हो गए हैं. मुझे उम्मीद थी कि न्याय मिलेगा, लेकिन इस मामले में सभी आरोपी बरी हो गए. इस फैसले से मन में बहुत पीड़ा हुई है. उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई और दोषियों को बरी कर दिया गया. इससे ज्यादा पीड़ा और क्या हो सकती है. मैं अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता सिंधिया जी, सीएम और भिंड जिले के एसपी-कलेक्टर से अनुरोध करता हूं कि वे इसमें फिर से अपील करें. मैं कोर्ट से भी अनुरोध करूंगा कि मेरी याचिका सुनें और मुझे न्याय दिलाएं.

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