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कूनो पार्क में चीतों की मौत के बाद एक्शन में सरकार, परियोजना की निगरानी के लिए कमेटी गठित

उल्लेखनीय है कि पिछले साल 17 सितंबर को कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से 8 चीते लाए गए थे. साउथ अफ्रीका से भी 12 चीतों की दूसरी खेप भी यहां लाकर बसाई गई थी. अभी तक 3 चीतों सहित 3 शावकों की मौत हो चुकी है.

चीतों की निगरानी के लिए सरकार ने गठित की कमेटी चीतों की निगरानी के लिए सरकार ने गठित की कमेटी
aajtak.in
  • मध्य प्रदेश,
  • 26 मई 2023,
  • अपडेटेड 3:12 PM IST

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में साउथ अफ्रीका से लाई गई मादा चीता के तीन शावकों की मौत के बाद सरकार हरकत में आई. तीन नवजात चीता शावकों और तीन बड़े चीतों की मौत के बाद सरकार ने चीतों की देखभाल, प्रगति, निगरानी के लिए चीता परियोजना संचालन समिति गठित का गठन किया है. अब चीतों से जुड़ा कोई भी फैसला इस कमेटी के सदस्यों की सहमति से ही लिया जाएगा.

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कमेटी ले सकेगी ये फैसले

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने मध्य प्रदेश सरकार के अवर मुख्य सचिव (ACS) के साथ हुई बैठक में एक चीता परियोजना संचालन समिति का गठन करने का फैसला लिया. कमेटी/ टास्क फोर्स में विभिन्न वन्यजीव संस्थानों के सदस्य, अधिकारी या पूर्व अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा अन्य संगठनों के सदस्य शामिल होंगे. टास्क फोर्स के पास ये जिम्मेदारी होगी:

- मध्य प्रदेश वन विभाग और एनटीसीए को चीताओं की प्रगति, निगरानी और उनसे जुड़ी सलाह देना.
- ईको-टूरिज्म के लिए चीता के आवास को खोलना और इस संबंध में नियमों का सुझाव देना.
- सामुदायिक इंटरफेस पर सुझाव और परियोजना गतिविधियों में उनकी भागीदारी.
- संचालन समिति का कार्यकाल दो साल का होगा और आवश्यकता पड़ने पर क्षेत्र का दौरा करने के अलावा हर महीने कम से कम एक बैठक करेगी.
- कमेटी आवश्यकता पड़ने पर किसी भी विशेषज्ञ को परामर्श के लिए आमंत्रित कर सकती है.
- विशिष्ट आवश्यकता के अनुसार सलाह के लिए अंतर्राष्ट्रीय चीता विशेषज्ञों के पैनल से परामर्श किया जाएगा या भारत आमंत्रित किया जाएगा.
- एनटीसीए, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय उक्त समिति को कामकाज की सुविधा प्रदान करेगा.
- मौजूदा नियमों के अनुसार गैर-आधिकारिक सदस्यों के लिए यात्रा खर्च और अन्य आकस्मिक खर्च एनटीसीए द्वारा वहन किया जाएगा.

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तीन चीतों की पहले ही हो चुकी है मौत

आपको बता दें कि कूनो नेशनल पार्क से बीते दो माह के अंतराल में 3 चीतों की मौत हो गई है. सियाया (ज्वाला) चीता ने बीते 24 मार्च को 4 शावकों को जन्म दिया था लेकिन अब तक इनमें से तीन शावकों की भी मौत हो चुकी है जबकि एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. अब कूनो पार्क में 17 वयस्क चीते और 1 शावक मौजूद हैं. लगातार हो रही मौतों को लेकर वन्य जीव विशेषज्ञों ने भी चिंता जाहिर की है.

पीएम मोदी ने की थी प्रोजक्ट की शुरूआत

भारत में चीता प्रोजेक्ट की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा उनके जन्मदिन 17 सितम्बर 2022 को की गई थी, जिसके बाद दो चरणो में नामीबिया और साउथ अफ्रीका से 20 चीतो को लाकर यहां बसाया गया हैं. पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ जसवीर सिंह चौहान ने आजतक को फोन कॉल पर बताया कि कूनो पार्क में अत्यधिक गर्मी और लू की गर्म हवाऐं चल रही हैं और 23 मई को सबसे अधिक 46-47 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है. बचे हुए चीतों की सतत निगरानी की जा रही हैं. 

 

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