
मध्य प्रदेश के उज्जैन में बीते साल 17 जुलाई को बाबा महाकाल की सवारी के दौरान भक्तों पर थूकने का मामला सामने आया था. इसका वीडियो सामने आते ही लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला था. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक्शन में आते हुए तीन आरोपियों को अरेस्ट कर जेल भेजा था. इसमें से तीसरे आरोपी को भी अब जमानत मिल गई है.
इस मामले में एक आरोपी के पिता अशरफ हुसैन मंसूरी से कहा, मैं यह कहना चाहूंगा कि अल्लाह के कारण मेरे बच्चे सही सलामत घर आ गए हैं. मुझे इस केस से कुछ भी लेना-देना नहीं है. दो बच्चे जो नाबालिग थे, उनकी जमानत 68 दिन में हो गई ती. एक लड़का जो कि बालिग था, उसकी 5 महीने में हुई.
'पुलिस के दबाव में आकर हस्ताक्षर किए थे'
इस मामले में एडवोकेट देवेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि मामले में मुख्य फरियादी ने ही न्यायालय में लड़कों को पहचानने से मना कर दिया था. उसने कहा था कि हमारे सामने ऐसी कोई घटना घटित नहीं हुई है. पुलिस के दबाव में आकर हस्ताक्षर किए थे.
बता दें कि इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नगर निगम और पुलिस की टीम ने एक आरोपी के घर पर भी कार्रवाई की थी. उसका 3 मंजिला अवैध मकान बुलडोजर से तोड़ दिया गया था. इसको लेकर एडिशनल एसपी आकाश भूरिया ने कहा था कि आरोपियों का रिकॉर्ड चेक करवाया गया था.
नगर निगम में इनका निर्माण अवैध पाए जाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई. साथ ही पुलिस ने सभी से अपील की कि धार्मिक नगरी उज्जैन में सभी त्योहारों को एकता के साथ मनाया जाए और शांति और सौहार्द का माहौल बना रहने दिया जाए. लड़कों पर आरोप है कि इन्होंने महाकाल की सवारी के दौरान टंकी चौक मार्ग स्थित बिल्डिंग से थूका और कुल्ला कर पानी फेंका था.