
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भीख मांगना और भीख देना जल्द ही अपराध की श्रेणी में आने वाला है. कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह एक या दो दिनों में इसका आदेश जारी करने वाले हैं.
आजतक से बात करते हुए भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करने को बोल दिया गया है.
फिलहाल नगर निगम को शहर का कोई एक रेन बसेरा नोटिफाई (चिन्हित) करने को बोला गया है जिसे भिक्षु गृह बनाया जाएगा. जगह चिन्हित होते ही आदेश जारी हो जाएगा और आदेश में संबंधित जगह को नोटिफाई कर दिया जाएगा. इस आदेश के लागू होते ही भोपाल में भीख लेने और देने पर एफआईआर दर्ज जो सकेगी.
भोपाल में 250 भिखारी
आजतक से बात करते हुए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि प्रशासन के पास जो आंकड़ा मौजूद है, उसके मुताबिक राजधानी में करीब 250 भिखारी हैं, जो एमपी के अलावा अन्य राज्यों के भी हैं.
कलेक्टर ने बताया कि आदेश जारी होते ही चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से भिखारियों और उन्हें भीख देने वालों को चिन्हित किया जाएगा.
इसके अलावा, एसडीएम और तहसीलदार की टीमें मैदान में उतरकर जांच भी करेगी. भिखारियों को चौराहों से हटाकर निगम द्वारा चिन्हित भिक्षु गृह में लाया जाएगा, जहां उनके रुकने के साथ ही खाने-पीने की व्यवस्था की जाएगी.