
मध्य प्रदेश के बैतूल का मांग समाज अयोध्या में भगवान श्री राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर चांदी की झाड़ू भेज रहा है. इंदौर में 11 दिन में तैयार हुई चांदी की झाड़ू बैतूल पहुंच गई है और 20 जनवरी को शोभा यात्रा के बाद अयोध्या रवाना की जाएगी.
बैतूल के मांग समाज ने पूरे देश में अपनी समाज के सहयोग से पौने दो किलो चांदी से झाड़ू निर्मित कराई है. मांग समाज का दावा है कि चांदी की यह झाड़ू विश्व की पहली झाड़ू है. उन्होंने श्री राम मंदिर ट्रस्ट से मांग की है कि इस झाड़ू को श्री राम लला के चरणों में गर्भगृह में रखा जाए. चांदी की झाड़ू का नाम 'शबरी' रखा गया है.
1 लाख 60 हजार रुपये का खर्च आया
वैसे तो भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर देश से भेंट स्वरूप कुछ न कुछ सामग्री जा रही है. बैतूल के मांग समाज की इस अनूठी भेंट को लेकर माना जा रहा है कि छींद के कांटों से बनी झाड़ू इस समाज के जीवन यापन का जरिया है, इसलिए उन्होंने चांदी की झाड़ू भगवान को भेंट करने का मन बनाया था. 1 हजार 751 ग्राम की इस झाड़ू पर लगभग 1 लाख 60 हजार रुपये का खर्च आया है.
झाड़ू है मांग समाज की रोजी रोटी का जरिया
मांग समाज के जिला अध्यक्ष सतीश जौंधलेकर का कहना है कि भगवान श्रीराम का हमारी समाज से पुरातनकाल से करीबी संबंध है. समाज के आराध्यदेव मातंग ऋषि ने छींद के कांटे से झाड़ू बनाकर उदर पोषण का जरिया दिया था. छींद के कांटे से बनी झाडू के माध्यम से मांग समाज अपने परिवार का पालन पोषण करता आ रहा है. इसलिए चांदी की झाडू श्रीराम मंदिर अयोध्या भेज रहे हैं.
11 दिन में बनी झाड़ू
मांग समाज के कृष्णा सोनारे का कहना है कि समाज के सहयोग से चांदी की झाडू तैयार करवाई गई. 1751 ग्राम चांदी से झाडू बनी है. इस झाड़ू को इंदौर में 11 दिन में बनाया गया. मांग समाज का दावा है कि यह विश्व की पहली चांदी की झाडू रहेगी जो श्रीराम दरबार में भेंट की जा रही है. यह 108 चांदी की लकड़ी से निर्मित झाड़ू है.
महाकाल मंदिर में पूजा अर्चना की गई
चांदी की झाड़ू तैयार होने के बाद इसकी महाकाल मंदिर उज्जैन में पूजा अर्चना की गई है. गुरुवार को झाड़ू बैतूल पहुंची और बैतूल के महाकाल मंदिर में रखी गई है. 20 जनवरी को चांदी की झाड़ू की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी. समाज ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ न्यास ट्रस्ट से निवेदन है कि हमारी इस झाड़ू को स्वीकारा जाए.