Advertisement

पीथमपुर: यूनियन कार्बाइड का कचरा डालने से पहले भट्टी को 850 डिग्री तक करेंगे गर्म, लैंडफिल साइट में दफन होगी राख

विशेषज्ञों ने बताया कि जिस भट्टी में कचरे को जलाना है, उसका तापमान 850 डिग्री तक लाने के लिए 12 घंटे पहले चालू करना होता है. इसलिए भट्टी को आज रात ही चालू कर दिया जाएगा. 3 दिन तक भट्टी जलेगी और कचरे को जलाकर राख करेगी. राख को लैंडफिल साइट में दफनाया जाएगा.

पीथमपुर की रामकी एनवायरो में जलेगा कचरा. पीथमपुर की रामकी एनवायरो में जलेगा कचरा.
रवीश पाल सिंह
  • धार ,
  • 27 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 6:40 PM IST

MP की राजधानी भोपाल की यूनियन कार्बाइड से पीथमपुर (धार) ले जाए गए कचरे के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. शुक्रवार सुबह 10 बजे से कचरा जलने लगेगा. पहली बार में करीब 10 टन कचरे को जलाया जाएगा.  

दरअसल, जिस भट्टी में कचरे को जलाना है, उसका तापमान 850 डिग्री तक लाने के लिए 12 घंटे पहले चालू करना होता है. इसलिए भट्टी को आज रात ही चालू कर दिया जाएगा. 3 दिन तक भट्टी जलेगी और कचरे को जलाकर राख करेगी. राख को लैंडफिल में दफनाया जाएगा. 

Advertisement

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने निर्देश दिए थे कि 18 तारीख से यूनियन कार्बाइड में रखे गए सामग्री का निपटान (disposal) शुरू किया जाए. आज 27 तारीख है, और इस प्रक्रिया का ट्रायल आज शुरू किया गया है.

इस प्रक्रिया के तहत पाँच प्रकार की सामग्री शामिल है— नेफ्थॉल, सीवन, रिएक्टर अवशेष, कीटनाशक (pesticide), और दूषित मिट्टी (excavated soil) ये सभी सामग्री अलग-अलग कंटेनरों में संग्रहित है. आज पांच कंटेनर खोले गए हैं और उन्हें ऑफ-साइट स्टोरेज में ले जाया जाएगा, जहां इन्हें अलग-अलग किया जाएगा.

ट्रायल प्रक्रिया के तहत 10 टन कचरा जलाने का लक्ष्य रखा गया है. इन पांचों सामग्रियों को मिलाकर 10 टन की मात्रा तैयार की जाएगी. इस मिश्रण को एक विशेष मिक्सर में ठीक से मिलाया जाएगा और फिर इसे इंसिनिरेटर (incinerator) में जलाने के लिए भेजा जाएगा. 

Advertisement

इंसिनिरेटर में कचरा डालने से पहले तापमान को 850 डिग्री सेल्सियस तक लाना आवश्यक है. जब जलने की प्रक्रिया शुरू होगी, तो तापमान को 800 से 900 डिग्री सेल्सियस के बीच बनाए रखना होगा. कचरा जलाने की मुख्य प्रक्रिया कल सुबह 10 बजे से शुरू होगी.

पूरी प्रक्रिया कुल 72 घंटे चलेगी, जिसमें 10 टन कचरा जलाया जाएगा. इस दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए मास्क, गॉगल्स, और हैंड ग्लव्स उपलब्ध कराए गए हैं. पीथमपुर एसडीएम प्रमोद गुर्जर की aajtak को बताया, ''कचरे को अलग करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अभी लंबी प्रक्रिया है. पूरी प्रक्रिया में करीब 17-18 घंटे लगेंगे.''

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement