
ये पहली बार है जब बीजेपी ने चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले प्रत्याशियों के नाम की लिस्ट जारी की है. अगर मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां उन 39 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया गया है, जहां बीजेपी पिछला चुनाव हारी थी और मौजूदा वक्त में इन सीटों पर कांग्रेस के विधायक है. उससे बड़ी बात ज्यादातर वो सीट हैं जहां पिछले दो या तीन बार से बीजेपी हार रही है. 11 एसटी, 11 ओबीसी और 9 सामान्य वर्ग को टिकट दिया गया है. वहीं 39 में से 5 महिला प्रत्याशी सियासी मैदान में बीजेपी की ओर से उतरने वाली हैं.
मध्य प्रदेश में टिकटों के ऐलान की बड़ी बातों पर गौर करें तो 12 ऐसे नेताओं को टिकट मिला है, जो पिछले चुनाव में हारे थे. पार्टी द्वारा जारी पहली लिस्ट में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के एक करीबी को टिकट मिला है तो वहीं एक का टिकट काट दिया गया है. इसके अलावा पार्टी ने किसी पूर्व विधायक के बेटे तो किसी की बहू को टिकट भी टिकट दिया है.
दरअसल, 2020 में सिंधिया के कई करीबी नेता कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे. इनमें अदल सिंह कंसाना और रणवीर सिंह जायव भी शामिल हैं. 2020 में हुए उपचुनाव दोनों नेताओं को बीजेपी से टिकट मिला था, लेकिन दोनों ही हार गए थे. अब पार्टी ने इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में कंसाना अदल सिंह कंसाना को सुमावली से टिकट दिया है. वहीं रणवीर सिंह जाटव को टिकट नहीं मिला है. गोहद से पार्टी ने वर्तमान में अनुसूचित जाति जनजाति के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य को टिकट दिया है.
2018 विधानसभा चुनाव में हारे 12 चेहरों को फिर मिला टिकट
गोहद: लाल सिंह आर्य
छतरपुर: ललिता यादव
चित्रकूट: सुरेंद्र सिंह गहरवार
सौंसर: नाना भाऊ मोहोड़
पथरिया: लखन पटेल
सुमावली: एंदल सिंह कंसाना
राऊ: मधु वर्मा
पेटलावद: निर्मला भूरिया
शाहपुरा: ओमप्रकाश धुर्वे
कसरावद: आत्माराम पटेल
गुन्नौर: राजेश वर्मा
महेश्वर: राजकुमार मेव
किसी पूर्व विधायक के बेटे तो किसी की बहू को मिला टिकट
बीजेपी ने महाराजपुर से बीजेपी के पूर्व विधायक मानवेंद्र सिंह भंवर राजा के बेटे कामाख्या प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है. सबलगढ़ से पूर्व विधायक मेहरबान सिंह रावत की बहू सरला रावत को टिकट मिला है. बरगी से बीजेपी की पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह को टिकट मिला है. उमा भारती के समधी प्रीतम लोधी को पिछोर सीट से टिकट दिया गया है.
भोपाल मध्य सीट से ध्रुव नारायण सिंह को फिर मिला टिकट
बता दें कि बीजेपी ने जिन 39 उम्मीदवारों के नाम की पहली लिस्ट जारी की है, उनमें से एक भोपाल मध्य सीट से ध्रुव नारायण सिंह भी हैं. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे ध्रुव नारायण सिंह 2008 से 2013 तक भोपाल मध्य सीट से विधायक थे. मर्डर केस में नाम आने के चलते पार्टी ने 2013 में उनका टिकट काट दिया था. उनका नाम आरटीआई कार्यकर्ता शेहला मसूद की हत्या में आया था. दरअसल, 16 अगस्त, 2011 में शेहला की उनके घर के गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
शेहला मसूद हत्याकांड की जांच सीबीआई ने की थी. जांच में ये बात सामने आई थी कि ध्रुव नारायण के कारण ये हत्या की गई. आरोप लगा था कि हत्या कराने वाली जाहिदा का ध्रुव के साथ संबंध था और उसे लगता था कि वह शेहला की वजह से उससे दूर हो रहे हैं. हालांकि सीबीआई ने कभी भी आरोप पत्र में ध्रुव का नाम नहीं लिया था.
दिग्विजय सिंह के भाई खिलाफ IRS ऑफिसर की पत्नी को टिकट
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह की चांचोडा विधानसभा सीट से प्रियंका मीणा को टिकट दिया है. प्रियंका मीणा के पति IRS ऑफिसर हैं और दिल्ली में पोस्टेड हैं. प्रियंका मीना ने हाल ही में 27 फरवरी 2023 को बीजेपी का दामन थामा था. बीजेपी ने प्रियंका के चेहरे को तवज्जो देते हुए कांग्रेस को हैरानी में डाल दिया है. पार्टी नया चेहरा उतारकर प्रयोग कर रही है. प्रियंका के पति प्रद्युमन सिंह मीना IRS अधिकारी हैं, जो वर्तमान में दिल्ली में पदस्थ हैं. ममता मीणा एक बार बीजेपी की एमएलए रह चुकी हैं, जिन्हें 2018 में दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह ने विधानसभा चुनाव हराया था.