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MP: लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा तो घूस के 5 हजार रुपये चबा गया पटवारी, अस्पताल में उगले नोट

कटनी जिले के ग्राम बिलहरी हल्का में पदस्थ पटवारी गजेंद्र सिंह ने जमीन के एक मामले में फरियादी चंदन सिंह लोधी से पांच हजार रुपये की रिश्वत मांग की थी. चंदन सिंह लोधी ने इसकी शिकायत लोकायुक्त से की. इसके बाद लोकायुक्त की टीम मौके पर पहुंची और पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. लेकिन पटवारी गजेंद्र सिंह ने रिश्वत में मिले 500- 500 के 9 नोटों को मुंह में डालकर चबा गया.  

पटवारी गजेंद्र सिंह रिश्वत के 5 हजार रुपये चबा गया पटवारी गजेंद्र सिंह रिश्वत के 5 हजार रुपये चबा गया
aajtak.in
  • कटनी,
  • 24 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 10:58 AM IST

मध्य प्रदेश के कटनी जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक पटवारी रिश्वत की रकम मुंह डालकर चबा गया. बताया जा रहा है कि पटवारी को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया था. जिसके बाद उसने खुद को बचाने की कोशिश की और रिश्वत की रकम को मुंह में चबाकर निगल गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. 

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रंगे हाथों पकड़े जाने पर रिश्वत के 5 हजार रुपये चबा गया पटवारी 

बताया जा रहा है कि ग्राम बिलहरी हल्का में पदस्थ पटवारी गजेंद्र सिंह ने जमीन के एक मामले में फरियादी चंदन सिंह लोधी से पांच हजार रुपये की रिश्वत मांग की थी. चंदन सिंह लोधी ने इसकी शिकायत लोकायुक्त जबलपुर से की. इसके बाद लोकायुक्त की टीम मौके पर पहुंची और पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. लेकिन पटवारी गजेंद्र सिंह ने रिश्वत में मिले 500- 500 के 9 नोटों को मुंह में डालकर चबा गया.  

इस दौरान लोकायुक्त की 7 सदस्यों की टीम ने नोटों को निकलवाने की पूरी कोशिश की. लेकिन उसने मुंह से रुपये नहीं निकाले तो जिला चिकित्सालय ले जाया गया. कड़ी मशक्कत के बाद पटवारी गजेंद्र सिंह ने रिश्वत के चबे नोटों निकाला गया. इस घटना के सामने आने के बाद हर कोई हैरान है. 

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वाइस रिकॉर्डिंग और अन्य सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है

लोकायुक्त टीम का नेतृत्व कर रहे कमल सिंह उईके का कहना है कि शिकायतकर्ता चंदन लोधी की शिकायत पर दबिश देकर रिश्वतखोर पटवारी गजेंद्र सिंह को 5 हजार के साथ पकड़ा था, लेकिन वो टीम को देखकर नोट खा गया. हालांकि, टीम के पास वाइस रिकॉर्डिंग के साथ साथ अन्य सबूत भी हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, आरोपी गजेंद्र सिंह पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक्शन लिया जा रहा है. 

(रिपोर्ट- अमर ताम्रकार)

 

 

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