
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गौवंश का अवैध परिवहन करने वाले और खेतों में ट्यूब वेल को खुले छोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. CM ने कहा कि गोवध की मंशा से गौवंश के परिवहन का अवैध कृत्य करने वाले वाहन कई बार अदालत से छूट जाते हैं. नियमों के उल्लंघन पर पकड़े गए वाहनों के केस में वाहनों को राजसात करने की कार्रवाई की जाएगी. वाहन जब्त होंगे और आरोपियों छोड़ा नहीं जाएगा.
इसके साथ ही CM ने कहा कि ट्यूब वेल खनन के बाद बिना ढक्कन के खनन स्थल होने से छोटे बच्चों की असामयिक मृत्यु का कारण बन जाते हैं. ऐसे मामले सामने आते रहते हैं. प्रायः बच्चों को बचाया जाना मुश्किल होता है. ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी. दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. एफआईआर दर्ज करने और जुर्माना लगाने की कार्रवाई करेंगे. ट्यूब वेल खनन के बाद उसे छोड़ देने वाले व्यक्तियों की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी.
कुलगुरू शब्द में सम्मान और आत्मीयता का भाव
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों के कल्याण और उन्हें अपनी संस्कृति से जुड़ने से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं. निरंतर लिए जा रहे ऐसे फैसलों से विभिन्न क्षेत्रों में व्यवस्था से जुड़े आवश्यक सुधार भी हो रहे हैं, इस क्रम में विश्वविद्यालयों के कुलपति को कुलगुरू का संबोधन देने का निर्णय लिया गया. इस संबोधन में आत्मीयता, स्नेह और सम्मान का भाव भी निहित है. राज्य मंत्री परिषद द्वारा इन निर्णय का अनुमोदन किया गया.
CM ने आज मीडिया से चर्चा में कहा कि जुलाई माह में ही गुरू पूर्णिमा पर्व भी आ रहा है. मध्यप्रदेश में कुलपति को कुलगुरू बनाने के निर्णय के संबंध में अन्य राज्यों द्वारा भी जिज्ञासा व्यक्त करते हुए इस निर्णय का प्रारूप चाहा गया है.