
MP News: इंदौर में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत बुधवार को एक गौशाला को हटाने के दौरान गौरक्षकों और नगर निगम कर्मचारियों के बीच झड़प हो गई और इस दौरान कुछ सरकारी वाहनों को नुकसान तोड़फोड़ कर दी गई. हालांकि, प्रदर्शन का नेतृत्व बजरंग दल ने किया, लेकिन पुलिस ने कहा कि घटना को लेकर अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है.
इंदौर नगर निगम की डिप्टी कमिश्नर लता अग्रवाल ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि दत्त नगर इलाके में गौशाला का निर्माण बिना किसी अनुमति के किया गया था और स्थानीय निवासियों की शिकायत पर इसे हटाया जा रहा था. उनकी जानकारी के अनुसार, दो-तीन नगर निगम कर्मचारियों की पिटाई की गई, लेकिन यह भी सामने आया है कि मारपीट में दोनों पक्ष शामिल थे.
डिप्टी कमिश्नर ने पुष्टि की कि नगर निगम के कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त और महापौर के निर्देश पर उचित कार्रवाई की जाएगी.
स्थानीय बजरंग दल के संयोजक प्रवीण दारेकेर ने दावा किया कि दत्त नगर में 'गौशाला' करीब 30 साल पुरानी है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब गायों को निगम की गौशाला में ले जाया जा रहा था, तो एक ही वाहन में 20-25 गायें भर दी गईं और उनमें से पांच से सात घायल हो गईं.
उन्होंने कहा कि इस घटना से हिंदू समुदाय के लोग भड़क गए और जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो नगर निगम के कर्मचारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया.
बजरंग दल के संयोजक दरेकर ने कहा, "अगर हमारे किसी कार्यकर्ता के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज किया जाता है, तो हम भी निगम कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाएंगे."
डीसीपी विनोद कुमार मीना ने कहा कि पुलिस को किसी भी पक्ष से कोई शिकायत नहीं मिली है और अगर शिकायत मिलती है तो जांच की जाएगी.
सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो में एक तीखी बहस दिखाई दे रही है, जिसमें कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से उस वाहन के शीशे तोड़ दिए, जिसमें गायों को नगर निगम के आश्रय में ले जाया जा रहा था.