
भोपाल क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो पुलिस बनकर ठगी की वारदात को अंजाम देता था. गिरोह के तीन गुर्गों को पकड़ा गया है. ये सभी राजधानी जयपुर के साथ ही अन्य जगहों पर इस तरह की वारदात को अंजाम देते थे. फिलहाल राजस्थान पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है.
दरअसल, गुजरात निवासी विपुल भाई ने थाना कोतवाली उत्तर जयपुर में एक शिकायत दर्ज कराई थी. इसमें बताया था कि 3 मई को वो 20 लाख रुपये से भरा बैग लेकर ऑफिस जा रहा था. रिही सिद्दी मार्केट के गेट के पास पहुंचा ही था तभी दो लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए बैग चेक कराने के लिए कहा. उन्होंने पुलिस का कार्ड भी दिखाया.
'आजकल ड्रग्स की सप्लाई बहुत हो रही है'
इस दौरान उसने बैग चेक करने की वजह पूछी तो जवाब मिला कि आजकल ड्रग्स की सप्लाई बहुत हो रही है. इसके बाद उन्होंने मालिक को बुलाने की बात कही. इस पर विपुल फोन करने लगा. तभी मौका पाकर दोनों बैग लेकर बाइक से भाग गए.
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए. इस दौरान पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे. इसके बाद आरोपियों की तलाश में हाथीखाना तलैया इलाके में दबिश दी. यहां से कासिम और कामरान को अरेस्ट कर लिया. उनकी निशानदेही पर एक अन्य आरोपी को भी पकड़ा गया.
आरोपियों के पास से 11 लाख रुपये और बाइक बरामद
पूछताछ के दौरान कासिम और कामरान ने बताया कि वो जयपुर में पुलिसकर्मी बनकर ठगी करते थे. विपुल को भी उन्होंने ही अपना शिकार बनाया था. आरोपियों के पास से 11 लाख रुपये और बाइक बरामद हुई है. इस संबंध में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है.