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'क्या उस द्वीप पर कोई रहता भी है?' कच्चातिवु को लेकर कांग्रेस सांसद Digvijay Singh का बयान

Kachchatheevu island Row: PM मोदी के बयान पर दी गई प्रतिक्रिया में राजगढ़ से कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने कहा, "क्या उस द्वीप पर कोई रहता है? मैं पूछना चाहता हूं..." 

कच्चातिवु द्वीप को लेकर दिग्विजय सिंह का बयान. कच्चातिवु द्वीप को लेकर दिग्विजय सिंह का बयान.
aajtak.in
  • भोपाल ,
  • 10 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 4:12 PM IST

कच्चातिवु द्वीप को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की बेतुकी टिप्पणी चर्चा में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय ने पूछा कि क्या उस द्वीप पर कोई रहता भी है? 
 
दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी के लिए प्रचार करने तमिलनाडु पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को घेरा. PM मोदी ने कांग्रेस और उसके तमिलनाडु में सहयोगी सत्तारूढ़ द्रमुक (DMK) पर जमकर हमला किया. कहा कि कांग्रेस और डीएमके ने तमिलनाडु के लोगों को अंधेरे में रखा है. उन्होंने निर्दयतापूर्वक कच्चातिवु द्वीप श्रीलंका को दे दिया और हमारे मछुआरों के साथ अन्याय किया.

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प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में आगे कहा, एनडीए सरकार लगातार हमारे मछुआरों को रिहा करा रही है और उनकी घर वापसी करा रही है. DMK और Congress सिर्फ मछुआरों की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की गुनहगार हैं. 

PM मोदी के बयान पर दी गई प्रतिक्रिया में राजगढ़ से कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने कहा, "क्या उस द्वीप पर कोई रहता है? मैं पूछना चाहता हूं..." 

वहीं, वेल्लोर में पीएम मोदी ने अपने भाषण में आगे कहा कि डीएमके नहीं चाहती कि तमिलनाडु आगे बढ़े और विकास को अपनाए. DMK एक 'परिवार-आधारित कंपनी' बन गई है. यह भी पढ़ें: Kachchatheevu Island Controversy: कच्चातिवु द्वीप की पूरी कहानी, जानिए क्यों हो रहा विवाद

यह द्रमुक की पारिवारिक राजनीति के कारण है कि तमिलनाडु के युवाओं को समृद्ध होने का कोई मौका नहीं मिल रहा है. DMK की राजनीति का मुख्य आधार है- Divide...Divide और Divide. ये पार्टी देश के लोगों को भाषा के नाम पर लड़ाती है, धर्म और जाति के नाम पर लड़ाती है.

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कंगना रनौत ने कांग्रेस को लिया आड़े हाथों 

एक्ट्रेस और बीजेपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव में उतरीं कंगना रनौत ने दिग्विजय के बयान को लेकर कांग्रेस को घेर लिया है. 'X' पर लिखा, नेहरू जी की अक्साई चिन को बंजर जमीन बताने वाली सोच आज भी कांग्रेस में जीवित है. दिग्विजय जी का कच्चातिवु द्वीप को लेकर दिया गया बयान उसी सोच को दर्शाता है. इसी मानसिकता के कारण कांग्रेस शासन में भारत के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास नहीं हो पाया. लेकिन यह नया भारत है, यहां देश के सबसे ऊंचे पोलिंग स्टेशन 'ताशीगंग' तक नल से जल पहुंच रहा है, हिमाचल प्रदेश के 'कॉमिक' जैसे ऊंचे गांवों तक बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और बिजली से हर घर रोशन है. देश की भौगोलिक अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं किया जायेगा, और ऐसी सोच रखने वालों को देश जवाब जरूर देगा. 

चिदंबरम ने कहा, बंद मामले को फिर से न खोलें 

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने बीजेपी पर आम चुनावों में कच्चातिवु मुद्दे को एक राजनीतिक हथकंडा के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. चिदंबरम ने विदेश मंत्रालय की तरफ से 2015 में आरटीआई के तहत दिए गए जवाब का हवाला दिया. कहा कि आरटीआई जवाब में उल्लेख किया गया था कि कच्चतिवु द्वीप न तो कब्जा किया गया था और न ही सौंपा गया था और यह भारत-श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के श्रीलंकाई हिस्से में स्थित है. चिदंबरम ने कहा कि 2015 में जब आरटीआई का जवाब दिया गया था तब नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री थे. अब बंद मामले को फिर से नहीं खोला जाना चाहिए.

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