
अक्टूबर महीने के अंतिम तीन दिनों में लगातार 10 हाथियों की मौत के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) चर्चा में है. मध्य प्रदेश के उमरिया जिले स्थित टाइगर रिजर्व के बफर जोन में अपने झुंड की ओर से छोड़ा गया एक बच्चा बीमार पाया गया. वन अधिकारियों ने रेस्क्यू कर डॉक्टरों की निगरानी में उसे अपनी देखरेख ले लिया है.
BTR के डायरेक्टर अनुपम सहाय ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, "करीब तीन महीने की उम्र का एक हाथी का बच्चा अपने झुंड से बिछड़ा हुआ पाया गया. हमें आज सुबह करीब 4.30 बजे इसकी सूचना मिली. हमारे ग्राउंड ड्यूटी स्टाफ ने पनपथा क्षेत्र में पहुंचकर बीमार हाथी को ताला बचाव केंद्र पहुंचाया."
टाइगर रिजर्व की ओर से बताया कि बच्चा कमजोर पाया गया है और ऐसा लगता है कि उसने पिछले कुछ दिनों से कुछ नहीं खाया था. उन्होंने कहा कि हाथी अपने झुंड के किसी बहुत कमजोर या बीमार सदस्य को तभी त्याग देते हैं, जब उन्हें लगता है कि उसके जंगल में बचने की संभावना कम है.
सहाय ने कहा, हाथी के बीमार बच्चे को ऊर्जा बढ़ाने वाली दवा, दूध और ग्लूकोज ड्रिप दी गई है. साथ ही उन्होंने बताया कि यह बच्चा उन तीन हाथियों के समूह का नहीं है जो पिछले सप्ताह 13 सदस्यीय झुंड में से 10 की मौत के बाद बच गए थे.
बता दें कि 29 अक्टूबर को बीटीआर के खलील रेंज के अंतर्गत सांखनी और बकेली में चार जंगली हाथी मृत पाए गए थे, जबकि 30 अक्टूबर को चार और 31 अक्टूबर को दो की मौत हो गई थी.