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अस्पताल में आखिरी सांस ले रही थी, तब भी कॉल कर रहे थे बदमाश... साइबर क्रिमिनल्स की प्रताड़ना से जान गंवाने वाली टीचर रेशमा पांडेय की दास्तां

MP News: रेशमा पांडेय पिछले कई दिनों से डिजिटल अरेस्ट थीं, लेकिन परिजनों को इसकी भनक नहीं लगी. देवर विनोद पांडे ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट के समय रेशमा घर में अकेली थीं, जिस वजह से वह किसी से मदद नहीं ले पाईं. 

35 साल की रेशमा पांडेय एक स्कूल में अतिथि शिक्षक थीं. 35 साल की रेशमा पांडेय एक स्कूल में अतिथि शिक्षक थीं.
aajtak.in
  • मऊगंज ,
  • 07 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 10:44 AM IST

मध्य प्रदेश के मऊगंज में 35 साल की महिला टीचर ने साइबर जालसाजों की गिरफ्तारी की धमकी के बाद आत्महत्या कर ली. इन जालसाजों ने दावा किया कि उनकी तरफ से भेजे गए पार्सल में 'अवैध सामग्री' है. 

जिले के घूरेहटा का यह मामला है. 35 साल की रेशमा पांडेय पेशे से गेस्ट टीचर थीं, लेकिन वह बीते दिन डिजिटल अटेस्ट स्कैम में बुरी तरह फंस गईं. साइबर धोखेबाजों ने रेशमा पांडेय के नाम का पार्सल होने की जानकारी दी. इस पार्सल में अनैतिक सामग्री होने से FIR दर्ज करने की धमकी देकर डराया. 

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इतना ही नहीं, धोखेबाजों ने व्हाट्सएप पर इंडियन आर्मी और पुलिस अफसरों की वर्दी में कुछ अफसरों के वीडियो भेजे. इंडियन आर्मी की ताकत की धौंस देकर स्कैम में फंसा लिया. रेशमा से साइबर धोखेबाज लगातार रुपए देने का दबाव बना रहे थे. रेशमा पांडेय ने गलती की और इन्हें 25 हजार रुपए भेज दिए. 

रेशमा पांडेय के बैंक खाते में जितने भी रुपए थे धोखेबाजों ने ट्रांसफर करा लिए. इसके बाद भी और रुपए लाने का लगातार दवाब डालते रहे, लेकिन जब रुपए का इंतजाम नहीं हुआ रेशमा पांडेय ने जहर खा लिया. रेशमा पांडेय को गंभीर हालत में संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल रीवा में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान रेशमा ने दम तोड़ दिया. 

रेशमा पांडेय पिछले कई दिनों से डिजिटल अरेस्ट थीं, लेकिन परिजनों को इसकी भनक नहीं लगी. देवर विनोद पांडे ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट के समय रेशमा घर में अकेली थीं, जिस वजह से वह किसी से मदद नहीं ले पाईं. 

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रेशमा पांडेय ने साइबर धोखेबाज को अपने खाते से 25 हजार रुपए दिए लेकिन इसके बाद ठग 50 हजार रुपए की डिमांड करने लगे. उन्होंने धमकी दी कि पुलिस और आर्मी घर आ रही है. मोबाइल बंद होने पर भी वह उन्हें पकड़ कर ले जाएगी. 50 हजार रुपए का जुर्माना होगा और 2 साल की जेल भी हो जाएगी. रुपए नहीं पहुंचने पर पुलिस आ जाएगी. 

साइबर धोखेबाज लगातार ब्लैकमेल कर रहे थे. जब वीडियो कॉलिंग बंद कर दी तो मोबाइल पर ऑडियो कॉल करने लगे. रेशमा ने धोखेबाज को 5500 रुपए भेजे और जहर खा लिया. रेशमा पांडेय हॉस्पिटल में अंतिम सांस ले रही थीं, तब भी धोखेबाज उसे फोन कर रहे थे.

पुलिस अधीक्षक रसना ठाकुर ने बताया कि रेशमा पांडेय पर साइबर धोखेबाज पार्सल लेने का दबाव बना रहे थे. उन्होंने धमकी दी कि चोरी का मुकदमा चलेगा. रेशमा ने पुलिस से मदद नहीं ली और धोखेबाजों के चंगुल में फंस कर जहर खा लिया. पुलिस ने मामला दर्ज किया है और बारीकी से जांच की जा रही है. 

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