
मध्य प्रदेश सरकार ने देवास जिले के एक सरकारी कॉलेज में एक प्रोफेसर पर देवताओं और राष्ट्रीय ध्वज की 'रंगोली' को पैरों से खराब करने का आरोप लगने के बाद कड़ी कार्रवाई का वादा किया. यह घटना कन्नोद शहर के एक सरकारी कॉलेज में हुई. इस मामले में छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
खेल और युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने मीडिया से कहा, "पुलिस घटना की जांच कर रही है और मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हम ऐसी मानसिकता को बर्दाश्त नहीं कर सकते. भगवान की रंगोली के साथ कोई ऐसा करे, यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता."
देवास कलेक्टर रितु राज ने बताया कि सहायक प्रोफेसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
जुजैर अली रंगवाला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 298 (पूजा स्थल या पवित्र वस्तु को नुकसान पहुंचाना या अपवित्र करना) और 196 (धर्म, जाति आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.
एबीवीपी ने अपनी शिकायत में उन पर राधा-कृष्ण और राष्ट्रीय ध्वज की रंगोली पेंटिंग को 'विकृत' करने और अपने वॉट्सएप पर आपत्तिजनक स्टेटस लगाने का आरोप लगाया है.
कलेक्टर ने कहा कि आरोपी को उसके पद से हटा दिया जाएगा और मामले को उच्च शिक्षा विभाग के संज्ञान में लाया गया है.
कॉलेज की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष आकाश जौहरी ने कहा कि यह घटना एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई और इसका वीडियो करीब एक सप्ताह पहले वायरल हुआ था.