
मध्य प्रदेश के राजगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बेटे और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह के बागेश्वर बाबा की हिंदू एकता यात्रा में शामिल होने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. बागेश्वर बाबा ने इस यात्रा का आयोजन हिंदुओं को एकजुट करने के उद्देश्य से किया है. जयवर्धन सिंह की इस यात्रा में भागीदारी पर बीजेपी ने चुटकी लेते हुए कहा कि 'वोटों के सौदागरों को सद्बुद्धि आ गई.'
यात्रा में शामिल होने पर जयवर्धन सिंह ने कहा, 'यह यात्रा किसी राजनीतिक दल की नहीं है, बल्कि सनातन धर्म के लिए है. हम सनातन धर्म के भक्त हैं और इसके लिए हमेशा खड़े रहेंगे. बागेश्वर बाबा की इस पहल का मैं समर्थन करता हूं, क्योंकि यह हिंदू एकता को बढ़ावा देती है.'
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बीजेपी का पलटवार
बीजेपी सांसद रोडमल नागर ने इस मौके पर कांग्रेस और दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, दिग्विजय सिंह हमेशा धर्म विरोधी राजनीति करते आए हैं, लेकिन उनके बेटे ने हिंदू एकता यात्रा में शामिल होकर दिखा दिया कि उन्हें सद्बुद्धि आ गई है. यह यात्रा हिंदू समाज को एकजुट करने के लिए है और इसमें हर वर्ग का समर्थन है.
दिग्विजय सिंह की धर्मनिरपेक्ष छवि पर सवाल
दिग्विजय सिंह अक्सर धर्मनिरपेक्ष राजनीति के प्रबल समर्थक रहे हैं और बीजेपी पर धर्म के आधार पर राजनीति करने का आरोप लगाते रहे हैं. जयवर्धन सिंह का बागेश्वर बाबा की यात्रा में शामिल होना राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ देता दिख रहा है.
राजनीतिक हलचल और भविष्य की दिशा
जयवर्धन सिंह के इस कदम ने कांग्रेस और बीजेपी के बीच नई बहस को जन्म दिया है. जहां बीजेपी इसे कांग्रेस की बदली रणनीति के रूप में देख रही है, वहीं, जयवर्धन ने इसे धर्म के प्रति उनकी आस्था का विषय बताया है.