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धीरेंद्र शास्त्री को 'उचक्का' कहने पर भड़का संस्कृति बचाओ मंच, कांग्रेस के पूर्व मंत्री का मुंह काला करने वाले को ₹100 इनाम देने का ऐलान

Mukesh Nayak Vs Dheerendra Shastri: मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री को सनातन धर्म का ज्ञान नहीं है. जिस तरह से शास्त्री भागवत कथा सुनाते हैं, वो बिल्कुल बचकाना तरीका है. इसे बुंदेलखंडी में 'उचक्का' कहा जाता है. मुझे शर्म आती है कि शास्त्री धर्म ग्रंथों का मज़ाक उड़ाते हैं.

बाएं से मुकेश नायक और धीरेंद्र शास्त्री. (फाइल फोटो) बाएं से मुकेश नायक और धीरेंद्र शास्त्री. (फाइल फोटो)
अमृतांशी जोशी
  • भोपाल ,
  • 19 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 6:07 PM IST

मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष और कांग्रेस के पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधा है. नायक ने एक बयान में कहा कि धीरेंद्र शास्त्री लोगों को भ्रमित कर रहे हैं. 

कांग्रेस नेता ने कहा, शास्त्री को सनातन धर्म का ज्ञान नहीं है. जिस तरह से शास्त्री भागवत कथा सुनाते हैं, वो बिल्कुल बचकाना तरीका है. इसे बुंदेलखंडी में 'उचक्का' कहा जाता है. मुझे शर्म आती है कि शास्त्री धर्म ग्रंथों का मज़ाक उड़ाते हैं. लोगों का मजमा लगाते हैं और ग्रंथों का व्यख्यान करते हैं. न उन्हें रामचरित मानस, भागवत, वैदिक परंपराओं का ज्ञान है और न ही समझ है. न ही उन्हें चार वेदों के बारे में पता है. बस दिन भर सनातन धर्म...सनातन धर्म चिल्लाते हैं.  

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नायक ने कुंभ में लोगों की मृत्यु पर दिए गए शास्त्री के बयान को लेकर कहा कि वे लोगों की मौत का उपहास कर रहे थे कि मृतकों को मोक्ष मिलेगा. लोगों की मदद करने की जगह उन्होंने मजाक उड़ाया है. पर्चियां लिख कर लोगों की आंखों में धूल झोंक रहे हैं और धर्म को राजनीति का औजार बना रहे हैं.

पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने धीरेंद्र शास्त्री को चुनौती भी दे डाली. नायक ने कहा, ''मैं पूर्ण राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं, मौलिक रूप से आध्यात्मिक व्यक्ति हूं. शास्त्री रामचरित मानस, श्रीमद भागवत या गीता पर मंच लगा लें. अगर मेरे प्रश्नों का उन्होंने जवाब दिया तो उसी मंच पर अपना सिर मुंडवाकर मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा. नहीं तो उनको अपना मुंडन करवाना पड़ेगा. राजनीतिक क्षेत्र में जो अध्यात्म की आड़ लेकर बक-बक कर रहे हैं, उसको उन्हें छोड़ना पड़ेगा.

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कांग्रेस नेताओं के बागेश्वर धाम जाने के सवाल पर मुकेश नायक ने कहा, नेता इतना दया का पात्र है कि वो जैसे ही देखता है कि किसी व्यक्ति के पास भीड़-भाड़ लग रही है, तो उसको लगता है ये हमारे वोट हैं. सच कहने की क्षमता उसकी खत्म हो जाती है. उस भीड़ का वो उपयोग करना चाहता है. इसी धर्मांधता से प्रेरित होकर वो भी उनके पास जा रहे हैं. उनकी भी मैं आलोचना करता हूं. 

मुकेश नायक के इस बयान के विरोध में 'संस्कृति बचाओ मंच' उतर गया है. मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा है कि पूर्व मंत्री का मुंह काला करने वाले को वो 100 रुपए का इनाम देंगे. हम 100 रुपए से ज्यादा का इनाम भी सकते हैं, लेकिन वे इसी लायक हैं.

तिवारी ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि मुकेश नायक ने पं. शास्त्री पर अशोभनीय टिप्पणी की है. मंच उन्हें चेतावनी देता है कि हमारे धर्मगुरुओं के बारे में सोच-विचार कर बात करें. मुकेश नायक के बयान पर बीजेपी प्रवक्क्ता नरेंद्र सलूजा ने भी सोशल मीडिया 'X' पर लिखा कि मुकेश नायक का ये बयान बेहद शर्मनाक, बेहद निंदनीय है. कांग्रेस पार्टी उन्हें तत्काल पद से हटाए.

बहरहाल, मुकेश नायक भले ही धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साध रहे हों, पर कांग्रेस के कई दिग्गज नेता बागेश्वर धाम कि शरण में पहुंचकर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री से आशीर्वाद भी लेते हैं. कुछ दिन पहले ही कांग्रेस के पूर्व मंत्री और एमपी विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार बागेश्वर धाम पहुंचे थे और पंडित धीरेन्द्र शास्त्री से आशीर्वाद भी लिया था.

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पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में धीरेन्द्र शास्त्री कि कथा का आयोजन करवाया था और बयान भी दिया था कि उन्हें हिन्दू होने पर गर्व है., मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह भी हिंदू पदयात्रा में शामिल हुए थे. हालांकि, मध्यप्रदेश में फ़िलहाल किसी भी तरह के चुनाव के समीकरण नहीं बन रहे हैं.

विधानसभा चुनाव के समय पर कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में सॉफ्ट हिंदुत्व का रुख ज़रूर किया था, लेकिन अब मुकेश नायक के इस बयान के आबाद कांग्रेस एक बार फिर सनातन के नाम पर घिरती हुई नज़र आ रही है. 

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