
मध्य प्रदेश में विधानसभा सीटों का माहौल जानने के लिए चार राज्यों के विधायकों का ट्रेनिंग सेशन शनिवार को भोपाल में रखा गया है. ट्रेनिंग के लिए गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार से बीजेपी विधायक भोपाल बुलाए गए हैं. भोपाल में इन विधायकों को आज दिन भर ट्रेनिंग दी जाएगी और इसके बाद हर विधायक को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र की ज़िम्मेदारी दी जाएगी. जहां जाकर यह विधायक स्थानीय नेताओं के साथ-साथ इलाके की आम जनता से भी चर्चा करेंगे.
इन विधायकों को सात दिन तक उनके प्रभार वाली विधानसभा सीट पर रहना होगा. जिसकी रिपोर्ट बनाकर विधायक बीजेपी आलाकमान को सौंपेंगे. यह विधायक संबंधित विधानसभा सीट के स्थानीय मुद्दों का फीडबैक भी आलाकमान को देंगे ताकि चुनाव में उन मुद्दों को प्रमुखता दी जा सके.
विधायकों के ट्रेनिंग सत्र को केंद्रीय मंत्री और प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव, राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा संबोधित करेंगे. अपने प्रभार वाले विधानसभा क्षेत्रों में यह विधायक अगले एक हफ्ते तक रहेंगे और माना जा रहा है कि इनकी फीडबैक रिपोर्ट के आधार पर ही उम्मीदवारों के नाम तय होंगे और चुनावी रणनीति बनाई जाएगी.
बता दें कि भाजपा ने 17 अगस्त को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मध्य प्रदेश के लिए 39 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी. मध्य प्रदेश में बीजेपी ने सबलगढ़ से सरला विजेंद्र रावत, चाचौड़ा से प्रियंका मीना, छतरपुर से ललिता यादव, जबलपुर पूर्व (एससी) से आंचल सोनकर, पेटलावद से निर्मला भूरिया, झाबुआ (एसटी) से भानु भूरिया, भोपाल उत्तर से आलोक शर्मा और भोपाल मध्य से ध्रुव नारायण सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है.
उम्मीदवारों की पहली सूची इतनी जल्दी घोषित करने का पार्टी का निर्णय पांच राज्यों के चुनावों के महत्व को दर्शाता है. बता दें कि छत्तीसगढ़ और एमपी के अलावा, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में इस साल के अंत में चुनाव होने हैं. बीजेपी सिर्फ मध्य प्रदेश में सत्ता में है और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार को हटाने के लिए सघन अभियान चला रही है. छत्तीसगढ़ के लिए 21 विधानसभा उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गई है.
विदित हो कि साल 2018 में भाजपा ने मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों में से कांग्रेस की 114 सीटों के मुकाबले 109 सीटें जीती थीं. कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस ने सूबे में सरकार बनाई. लेकिन साल 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत के साथ ही 15 महीनों की कांग्रेस सरकार गिर गई थी. सिंधिया गुट के 22 कांग्रेस विधायकों ने भी बीजेपी की सदस्यता लेकर शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में सरकार बनाई. मौजूदा समय में एमपी में बीजेपी विधायकों की संख्या 127 है.