
मध्य प्रदेश के गुना में एक प्राइवेट स्कूल में बच्चियों ने हिजाब पहनकर परफॉर्म किया तो विद्यार्थी परिषद ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. दरअसल, स्कूल में कुछ बच्चों ने हिजाब पहनकर डांस परफॉर्म किया था. जब यह बात पता चली तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने स्कूल में घुसकर धरना-प्रदर्शन कर दिया. स्कूल परिसर में वंदे मातरम और जय श्री राम के नारे लगाए.
स्कूल में हिंदू छात्राओं ने हिजाब पहनकर फिल्मी गीत पर डांस परफॉर्म किया था. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद ABVP ने इस पर नाराजगी जाहिर की. ABVP के संयोजक विकास शिवहरे ने कहा कि स्कूल में शिक्षा के स्थान पर धर्म परिवर्तन को बढ़ावा दिया जा रहा है.
प्रिंस ग्लोबल स्कूल में डेढ़ घंटे तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया. इस मामले में स्कूल के प्राचार्य समेत स्टाफ को निलंबित कर दिया गया है. हंगामे की सूचना पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने ABVP कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब तक निलंबन की कार्रवाई नहीं हुई, तब तक हंगामा होता रहा. इस दौरान ABVP कार्यकर्ताओं और महिला प्राचार्य के बीच नोंकझोंक भी हुई.
इस मामले में तहसीलदार गौरीशंकर बैरवा ने बताया कि स्कूल परिसर में ABVP के कार्यकर्ताओं ने धरना आंदोलन किया था. स्कूल प्रबन्धन के खिलाफ नाराजगी थी. पूर्व में भी गुना के मिशनरी स्कूल में 'भारत माता की जय' नारा लगाने पर छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया था, जिसके बाद खासा बवाल हो गया था.
इससे पहले दमोह के स्कूल में हिजाब को लेकर हुआ था विवाद
बता दें कि इससे पहले दमोह में कथित तौर पर हिंदू छात्राओं को हिजाब पहनने पर मजबूर करने की बात सामने आई थी. यहां मामला सुर्खियों में आने के बाद निजी स्कूल की मान्यता रद्द कर दी गई थी. इसके बाद स्कूल की प्रिंसिपल और दो टीचर्स के धर्मांतरण की बात भी सामने आई थी. ये खुलासा बाल कल्याण आयोग की टीम ने अपनी जांच में किया था.
बाल कल्याण समिति दमोह के सदस्य दीपक तिवारी ने बताया था कि टीम ने जांच में गंगा जमुना स्कूल की महिला प्रिंसिपल के साथ अन्य दो टीचर्स के नाम में अंतर पाया है. उनके पुराने नाम हिंदू होने की तस्दीक करते हैं, जबकि अब उनके नाम मुस्लिम धर्म के मुताबिक हैं. आयोग ने इस बात की भी जांच की थी कि क्या स्कूल में नौकरी देने के लिए धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया.