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क्या मोहन राज में कम हो गईं शिवराज की लाड़ली बहनें? 2 लाख नाम कटने पर विपक्ष ने घेरा, मिला ये जवाब

MP में लाड़ली बहना योजना की शुरुआत मार्च माह में हुई थी. जून के महीने से इस योजना की पात्र महिलाओं के खाते में 1000-1000 हजार रुपए आने लगे थे. तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अक्टूबर से यह राशि बढ़ाकर 1250 रुपए कर दी थी. दावा किया कि अगली बार हम इस राशि को 1500 रुपए करेंगे.

एक कार्यक्रम में बच्चियों के साथ CM मोहन यादव. एक कार्यक्रम में बच्चियों के साथ CM मोहन यादव.
नीरज चौधरी
  • भोपाल ,
  • 10 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 3:44 PM IST

मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना की 8वीं किस्त जारी कर दी गई है. बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने हाथों से पहली बार 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में कुल ₹1576 करोड़ की राशि एक क्लिक में ट्रांसफर की. इससे पहले 1.31 करोड़ बहनों को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में कुल 1269 करोड़ रुपए की धनराशि दी गई थी. लाड़ली बहनों की संख्या घटने को लेकर अब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार को घेर लिया है. 

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विधानसभा में विपक्षी दल के नेता उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक बयान जारी करके सूबे की बीजेपी सरकार पर लाड़ली बहनों की संख्या कम करने के आरोप लगाए हैं. 

कांग्रेस नेता सिंघार ने लिखा, ''नई सरकार ने घटाई 2 लाख लाड़ली बहना‼️ झूठे विज्ञापनों की सच्चाई. कर्ज का बोझ नहीं ढो पा रही विज्ञापन से बनी भाजपा सरकार

प्रदेश की लाखों लाड़ली बहनों से झूठ बोल कर वोट ले लिए और अब उन्हीं में से 2 लाख बहनों की छंटनी कर दी.

जब सितंबर में शिवराज CM थे, तब लाड़लीबहनों की संख्या 1.31 करोड़ थी, अब नए CM मोहन यादव जी ने इस संख्या को छांटकर 1.29 करोड़ कर दिया है यानी 2 लाख तो नई सरकार बनते ही घटा दी. सरकारी विज्ञापन इसका प्रमाण है, जनता खुद देखे

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लोकसभा चुनाव के बाद ये संख्या कितनी बचेगी, ये तो नए CM डॉ मोहन यादव  ही तय करेंगे. नए CM क्यों चाहेंगे कि लाड़ली बहना के 'प्यारे भैया' शिवराज जी ही बने रहें और मोहन यादव जी आपकी योजना को कर्ज लेकर ढोते रहें. 

'लाड़ली बहना योजना' को लेकर लोगों की शंका गलत नहीं है कि CM बदलते ही इस योजना पर तलवार लटकी है.

सरकार भले  BJP की है, पर CM का चेहरा तो नया है. अब लाड़ली बहनों को भी समझ आ रहा है कि ये BJP का चुनावी पाखंड था, जिसका रंग उतरने लगा है.'' 

विपक्ष के नेता ने सरकार के विज्ञापन शेयर किए.

इनका कहना
इस विषय में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी ने कहा, लाड़ली बहना योजना का लाभ 21 से 60 साल तक की उम्र की महिलाओं को मिलता है. अब इस साल जनवरी माह तक 1.31 करोड़ के आंकड़े में से कुछ महिलाएं आयु सीमा को पार कर गईं तो कइयों की मत्यु हो गई. यानी कि 2 लाख महिलाएं योजना की पात्र नहीं रहीं, इसलिए 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों को योजना का लाभ दिया गया है. लाड़ली बहनों से जुड़े आंकड़े समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के पोर्टल के आधार पर तय किए जाते हैं.  

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शिवराज ने किया था 3000 रुपए देने का वादा

मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना की शुरुआत मार्च माह में हुई थी. जून के महीने से इस योजना की पात्र महिलाओं के खाते में 1000-1000 हजार रुपए आने लगे थे. तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अक्टूबर से यह राशि बढ़ाकर 1250 रुपए कर दी थी. आचार संहिता लागू होने से पहले शिवराज ने दावा किया कि नई सरकार में हम इस राशि को 1500 रुपए और फिर 3000 रुपए तक करेंगे. नई सरकार में बची हुई लाड़ली बहनों का रजिस्ट्रेशन होगा. बता दें कि दिसंबर तक पूरे प्रदेश में लाड़ली बहना योजना की 1.31 करोड़ लाभार्थी थीं. 

लाड़ली बहना योजना के लिए पात्रता:-

  • मध्य प्रदेश की निवाली महिला की आयु 21-60 वर्ष होनी चाहिए. 
  • स्कीम का लाभ उन्हें मिलेगा, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं.
  • ऐसी महिलाएं जिनके पास 5 एकड़ या उससे कम जमीन है, वो पात्र हैं.
  • जिन महिलाओं की सालाना आय 2.5 लाख रुपये या उससे कम है.
  • विवाहिता, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं लाभ ले सकती हैं.   

आवेदन की प्रक्रिया:-
लाड़ली बहना योजना के लिए सभी जाति वर्ग की गरीब महिलाएं आवेदन कर सकती हैं और इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा नहीं है. इस स्कीम के लिए ऑफलाइन एप्लीकेशन दिया जा सकता है. योजना का आवेदन फॉर्म ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय और कैंप से प्राप्त कर सकते हैं.   

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मोहन यादव बोले- इस राशि से बहनों का त्योहार आनंददायी हो जाएगा 
वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ''आज 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों को कुल ₹1576 करोड़ की धनराशि सिंगल क्लिक के माध्यम से उनके बैंक खातों में अंतरित की है.

मकर संक्रांति से पहले इस राशि के बहनों को मिलने से यह त्योहार उनके लिए सुखद और आनंददायी हो जाएगा. संस्कृति के सभी पर्व आनंद और उल्लास के साथ मनाइए. मकर संक्रांति का पर्व भी एक दिन नहीं, सप्ताहभर मनाइए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे इस देश में केवल चार जातियां हैं- महिला, किसान, युवा, गरीब और इनका हमें उत्थान करना है. प्रधानमंत्री जी के कितने सुन्दर विचार हैं. इन चारों श्रेणियों की उन्नति हो जाये, तो पूरे देश का उत्थान हो जाएगा.

हमारे लिए मकर संक्रांति पर्व की अलग ही पवित्रता है. बहनों से अच्छा इसका भाव कोई नहीं समझ सकता; यह सुहाग का पर्व है. मकर संक्रांति, उत्तरायण के प्रारंभ होने का उत्सव भी है. यह पर्व अँधेरे को चीरकर आगे बढ़ने का विश्वास भी दिलाता है.''

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