
इंदौर लोकसभा सीट से नाटकीय ढंग से नामांकन वापस लेने के कुछ दिनों बाद अक्षय कांति बम सामने आए हैं. कांग्रेस छोड़ BJP का दामन थाम चुके बम ने 'सौदेबाजी' से जुड़े आरोपों को खारिज कर दिया. साथ ही हैरानी जताई कि 15 लाख रुपए की घड़ी पहनने वाले को कोई कैसे लुभा सकता है.
अलीराजपुर में मीडिया से बातचीत में अक्षय कांति बम ने बीजेपी के साथ सौदेबाजी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "मेरे पास क्या (प्रॉपर्टी) है और क्या नहीं है, यह पहले से ही साफ है. जो आदमी 15 लाख रुपये की घड़ी पहनता है, उसे सौदे में कोई क्या देगा?"
बता दें कि कांग्रेस उम्मीदवार रहते अक्षय कांति बम की तरफ से पहले सौंपे गए चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी चल और अचल संपत्ति 55.28 करोड़ रुपये की है, जिसमें 14.05 लाख रुपये की कलाई घड़ी भी शामिल है.
वहीं, अक्षय कांति बम ने कांग्रेस के इस आरोप को खारिज कर दिया कि चुनावी हार के डर से वह भगवा खेमे में शामिल हो गए. बम ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति कठिन सीट से चुनाव लड़ना चाहता है तो यह कहना बेमानी है कि उसे चुनाव हारने का डर है. दरअसल, पिछले साल बीते विधानसभा चुनाव में बम ने इंदौर-4 विधानसभा सीट से टिकट मांगा था, जिसे कांग्रेस पार्टी के लिए राज्य की सबसे कठिन सीटों में से एक माना जाता है.
दिलचस्प बात यह है कि इंदौर की एक अदालत ने अक्षय बम, उनके पिता और अन्य के खिलाफ भूमि विवाद से संबंधित 2007 के एक मामले में 307 (हत्या का प्रयास) का आरोप जोड़ने के आदेश दिए हैं. इसके पांच दिन बाद बम ने चुनावी मैदान से हटने का फैसला लिया. अदालत ने बम और अन्य आरोपियों को 10 मई को उसके समक्ष पेश होने बुलाया है.
अपने खिलाफ मामले के बारे में पूछे जाने पर बम ने कहा कि उनके वकील धारा 307 जोड़ने के संबंध में तय तारीख पर अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे.
अक्षय कांति बम के 29 अप्रैल के कदम ने कांग्रेस को इंदौर लोकसभा की चुनावी लड़ाई से बाहर कर दिया. कांग्रेस उम्मीदवार का सीधा मुकाबला बीजेपी के शंकर लालवानी से था. लेकिन आश्चर्यनजक ढंग से नामांकन वापस लेकर बम 29 अप्रैल को ही बीजेपी में शामिल हो गए थे.