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MP: इंदौर में आदिवासी युवकों पर अत्याचार, बंधक बनाकर 4 घंटे तक पीटते रहे आरोपी

Indore News: विवाद का कारण अभी तक फरियादी ने बताया कि बाइक फिसल जाने पर उन्होंने नजदीक बैठे एक सिक्योरिटी गार्ड से मदद मांगी थी और इसी को लेकर विवाद बढ़ गया. जिसके बाद आरोपियों ने उनको बंधक बना लिया और जमकर पीटा.

आदिवासी युवक को पीटते आरोपी. आदिवासी युवक को पीटते आरोपी.
धर्मेंद्र कुमार शर्मा
  • इंदौर ,
  • 09 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 10:57 AM IST

मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों को प्रताड़ित करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. ताजा मामला इंदौर में आया है, जहां गाड़ी फिसलने के विवाद में दो सगे भाइयों को किडनैप करके बंद कमरे में करीब 4 घंटे तक बेरहमी से पीटा गया. पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद पुलिस हरकत में आई और 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है. 

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यह घटना शहर के राऊ थाना इलाके की है. शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे दो भाई अपने काम से घर लौट रहे थे. इसी बीच रास्ते में उनकी मोटरसाइकिल फिसल गई और इसी के चलते एक सिक्योरिटी गार्ड से उनका विवाद हो गया. इसके बाद आरोपी अपने दो अन्य साथियों की मदद से दोनों बाइक सवार भाइयों को जबरदस्ती पकड़कर एक कमरे में लेकर गया और वहां उनको बुरी तरह से पीटा गया. 

मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. पुलिस ने तत्परता कार्रवाई करते हुए अस्पताल में जाकर फरियादी के बयान लिए और वहीं से जीरो पर कायमी कर तीनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं सहित एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज कर लिया.  

डीसीपी सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया केस में मुख्य आरोपी सिक्योरिटी गार्ड सुमित चौधरी साथी जितेंद्र बघेल और प्रेमशंकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. यदि कोई अन्य भी इस घटना में शामिल हुआ तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी. विवाद का कारण अभी तक फरियादी ने बताया कि बाइक स्लिप होने के कारण उन्होंने नजदीक बैठे एक सिक्योरिटी गार्ड से मदद मांगी थी और उसके बाद विवाद बढ़ गया. जिसके बाद आरोपियों ने बंधक बनाकर उनको जमकर पीटा. रात करीब 4 बजे फरियादी वहां से जैसे-तैसे भाग निकले. 

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इस घटना की कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी का भी बयान सामने आया है. राऊ विधायक पटवारी ने कहा कि प्रदेश में आदिवासियों और दलितों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं. इस पूरे घटनाक्रम की निंदा करता हूं. उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह के इस नफरत के शासन को जितनी जल्दी उखाड़ फेंकेंगे, उतनी ही जल्दी भला होगा. 

वहीं,  जयस प्रदेश मीडिया प्रभारी शुभम बुंदेला ने भी आदिवासी युवकों के साथ मारपीट के मामले में शिवराज सरकार को घेरा. बुंदेला ने कहा कि अगर पुलिस आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं करती है तो संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी रणनीति बनाकर इसका पुरजोर विरोध करने उतरेंगे.  हालांकि, अभी पूरी घटना की जानकारी नहीं मिल पाई है कि आखिर छोटी-सी बात पर इतना बड़ा विवाद क्यों हुआ ? 

 

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