
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने गुना लोकसभा सीट पर 'खेला' शुरू कर दिया है. दरअसल सिंधिया मध्य प्रदेश के गुना में 'सांसद खेल महोत्सव' में शामिल होने के लिए गुना और अशोकनगर पहुंचे. महोत्सव में उन्होंने देसी खेल का लुत्फ उठाया. हालांकि, सितोलिया (देसी खेल) खेलते वक्त ज्योतिरादित्य सिंधिया एक दो नहीं, बल्कि तीन बार निशाना चूक गए. लेकिन चौथी बार निशाना लगाने में सफल हो गए. सिंधिया को निशाना लगाते देख कुछ लोग नारे लगाने लगे 'श्रीमंत सिंधिया जिंदाबाद...'
अशोकनगर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने 'गिल्ली डंडा' खेला. इसके बाद सोशल प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, क्रिकेट तो बहुत खेला, आज गिल्ली डंडा खेलने में मज़ा बहुत आया. आप सब भी ट्राई करके बताइए, आप सब से गिल्ली उड़ी या नहीं...? देखें Video:-
ज्योतिरादित्य सिंधिया जब मंच पर पहुंचे तो उनके भाषण के बीच में दोबारा नारे लगाए गए, "गुना-शिवपुरी-अशोकनगर की मजबूरी है, ज्योतिरादित्य सिंधिया जरूरी है." हालांकि सिंधिया ने नारेबाजी को रोकते हुए कहा- मैं जरूरी नहीं हूं. मेरे बच्चे जरूरी हैं.
सिंधिया ने रस्साकशी खेल के माध्यम से राजनीति की परिभाषा भी समझाई. सिंधिया ने इशारों इशारों में कह दिया कि रस्साकशी में एक तरफ से खींच तो दूसरी तरफ से टेंशन, पाला बदलने के बाद भी नतीजा नहीं निकला. एक शिकारी आ गया, उसने लक्ष्य की पूर्ति कर दी. सिंधिया का ये बयान अब चर्चाओं में है.
सांसद खेल महोत्सव कार्यक्रम के समापन पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए मंच से बयान दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों से चयनित होकर खिलाड़ी राष्ट्रपटल पर नाम कमाते हैं.
वहीं, गुना लोकसभा सीट पर पांच दिवसीय दौरे को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बयान देते हुए कहा- मेरा दौरा मेरी सोच विचारधारा संभाग को मजबूत करने के लिए है. पिछले 20 वर्षों से मैं निरंतर गुना लोकसभा क्षेत्र में सक्रिय हूं.