
'कौन बनेगा करोड़पति' में 50 लाख रुपए जीतने वाली मध्यप्रदेश सरकार की महिला अफसर अमिता सिंह तोमर एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं. इस बार उनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट ने हंगामा खड़ा कर दिया. पोस्ट पर लोगों के विरोध के बाद तहसीलदार अमिता ने इसे हटा दिया. फिर भी, विवाद बढ़ने पर उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी. लोगों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में इसकी शिकायत की. इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
श्योपुर जिले के वीरपुर की तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा, ''ईद के त्यौहार को मातम का त्यौहार बना दिया. कितनों के अब्बा मर गए जो काली पट्टी बांधकर त्यौहार मनाया, सादर श्रद्धांजलि.''
यह पोस्ट जमकर वायरल हुई. बाद में विरोध बढ़ता देख तहसीलदार ने पोस्ट डिलीट कर दी. लेकिन लोगों ने स्क्रीनशॉट ले लिया और एक दिन पहले मंगलवार को वीरपुर में ही कलेक्टर अर्पित वर्मा की जनसुनवाई हुई तो वहां स्क्रीनशॉट के साथ आवेदन देकर इसकी शिकायत की. इस दौरान लोगों के गुस्से को देखते हुए तहसीलदार ने पोस्ट हटाने की बात कहते हुए 'ओके, सॉरी' भी बोल दिया. देखें Video:-
इस मामले को लेकर aajtak ने जब वीरपुर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर से उनका पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर कॉल किया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.
वीरपुर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को इस मामले में अनुविभागीय अधिकारी विजयपुर ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है. जनसुनवाई के दौरान यह मामला संज्ञान में आने के बाद अनुविभागीय अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने संज्ञान लेते हुए तहसीलदार अमिता तोमर से तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है.
विजयपुर अनुभाग के एसडीएम अभिषेक मिश्रा ने aajtak को फोन कॉल पर बताया, वीरपुर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सोशल मीडिया पर समाज विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. जनसुनवाई के दौरान यह मामला संज्ञान में आया है. इस मामले में संज्ञान लेकर तहसीलदार से तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है.
बता दें कि महिला तहसीलदार अमिता सिंह तेामर साल 2011 में केबीसी के पांचवें सीजन में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आई थीं.
पिछले वर्षों में सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट और कमेंट डालकर प्रशासन की कार्रवाई को गलत बताने और संविधान से जुड़ी एक पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट करने पर अमित तोमर निलंबित भी हो चुकी हैं.
इतना ही नहीं, अमिता सिंह अपने बार-बार तबादलों को लेकर पीएम मोदी को पत्र भी लिख चुकी हैं. साल 2023 में तहसील का प्रभार नहीं मिलने से खफा होकर इस्तीफे के पत्र भी लिख चुकी हैं.