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'मुंह बंद करके मुझे गाड़ी पर बैठा ले गए और अंधेरे में फेंक गए....', आखिर कैसे मिला अपहृत शिवाय, सुनिए उसी की जुबानी

Gwalior Child Kidnaping Upadate: चंबल के जिलों में पुलिस की नाकेबंदी के दावों के बावजूद अपहरणकर्ता करीब 80 किमी तक बाइक से घूमते रहे. उन्होंने बच्चे का मुंह और आंखें बंद कर दिए थे. बच्चे के चेहरे पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं.  

घर लौटे मासूम ने सुनाई आपबीती. घर लौटे मासूम ने सुनाई आपबीती.
aajtak.in
  • ग्वालियर/मुरैना,
  • 14 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 11:26 AM IST

''अंकल लोग मुझे मुंह बंद करके ले गए थे. उन्होंने मुझे मारा-पीटा और एक रूमाल से मेरी आंखें बंद कर दी थीं. इसके बाद मुझे  गाड़ी से अंधेरे में कहीं फेंक गए...''   बदमाशों की पकड़ से मिले अपहृत बालक शिवाय गुप्ता ने यह आपबीती सुनाई. 

वहीं, बालक के पिता राहुल गुप्ता ने कहा, ‘‘अपहरण की घटना के बाद किसी ने हमसे संपर्क नहीं किया. हमारी किसी से दुश्मनी नहीं है और न ही पता है कि यह किसने किया है.’’

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दरअसल, मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से शक्कर कारोबारी राहुल गुप्ता के 6 साल के बेटे शिवाय गुप्ता को दो बाइक सवार बदमाश गुरुवार सुबह अगवा कर ले गए थे.

शहर की सीपी कॉलोनी से दिनदहाड़े बच्चे को किडनैप करके बदमाश पड़ोसी मुरैना जिले के तमाम थाना क्षेत्रों में घुमाते रहे, लेकिन दो जिलों का पुलिस बल कोई सुराग नहीं लगा पाया.

चंबल के जिलों में पुलिस की नाकेबंदी के दावों के बावजूद अपहरणकर्ता करीब 80 किमी तक बाइक से घूमते रहे. उन्होंने बच्चे का मुंह और आंखें बंद कर दिए थे. बच्चे के चेहरे पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं.  देखें एक वीडियो:- 

आखिरकार अपहरणकर्ता ही बच्चे को मुरैना जिले के काजीबसई गांव के बाहर अंधेरे में छोड़कर भाग निकले. हालांकि, पुलिस का दावा है कि उसके दबाव के चलते ही बदमाश अपहृत बच्चे को छोड़ भागे. 

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काजी बसई गांव के सरपंच ने बताया कि खेत में पानी देने के बाद किसान अलाव जलाकर बैठे थे. इसी बीच, अंधेरे और घोर सन्नाटे में उन्हें किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी. आवाज के सहारे नजदीक पहुंचे तो ग्वालियर से अपहृत बच्चा शिवाय गुप्ता खड़ा हुआ था. सोशल मीडिया पर शिवाय की तलाश के लिए चले अभियान के कारण किसान भी बच्चे को पहचान गए और उसे गांव के सरपंच के घर लेकर पहुंचे. सरपंच ने पुलिस को सूचना दी.  

अपहृत बच्चे की सूचना मिलते ही पुलिस महानिरीक्षक (IG) अरविंद सक्सेना, डीआईजी अमित सांघी और ग्वालियर पुलिस अधीक्षक (SP) धर्मवीर सिंह आनन-फानन में ग्वालियर से 40 किमी दूर मुरैना पहुंचे. जहां से अपनी गोद में बैठाकर बच्चे को उसके घर लाए.

बता दें कि गुरुवार सुबह मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर की सीपी कॉलोनी में स्कूल बस का इंतजार कर रहे शक्कर कारोबारी राहुल गुप्ता के बेटे शिवाय (6 साल) का बाइक सवार दो बदमाशों ने अपहरण कर लिया था.

पुलिस ने बताया कि हमेशा की तरह कारोबारी गुप्ता की पत्नी अपने बेटे को उस स्थान पर छोड़ने गई, जहां से उसकी स्कूल बस उसे लेने जाती है. इस बीच, रास्ते में बाइक सवार दो बदमाशों ने पहले महिला की आंखों में मिर्च पाउडर फेंका और उसके बेटे का अपहरण कर लिया.  

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ग्वालियर जोन के आईजी अरविंद सक्सेना बताया कि सुबह करीब 8.10 बजे घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी और लड़के को छुड़ाने में मदद करने वाली कोई भी सूचना देने वाले को 30,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की थी. साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और पुलिस टीमों को अपहृत बच्चे की सर्चिंग में लगा दिया गया. चंबल के दूसरे जिलों भिंड और मुरैना में भी नाकाबंदी कर दी गई. इसी के चलते पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई तो बदमाश दबाव में आकर मासूम को रास्ते में छोड़ भागे.  

(इनपुट:- सर्वेश पुरोहित और एजेंसी)

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