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MP में शराबबंदी सरकार और समाज के संयुक्त प्रयास से ही सफल हो सकती है, बोले CM मोहन यादव

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने संतों और सामाजिक संगठनों की सलाह पर राज्य के धार्मिक शहरों में शराब की दुकानें बंद करने का फैसला किया है.  राज्य में नर्मदा नदी के दोनों तटों पर शराबबंदी पहले की तरह लागू रहेगी.

CM ने कहा कि शराबबंदी के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा की जा रही है. (फाइल फोटो) CM ने कहा कि शराबबंदी के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा की जा रही है. (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • इंदौर ,
  • 27 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 5:38 PM IST

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य में शराबबंदी के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा की जा रही है और यह अभियान सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही सफल हो सकता है. 

CM यादव ने कहा कि शराबबंदी के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा की जा रही है और यह काम सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही सफल हो सकता है.

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बता दें कि एमपी सरकार ने बीते शुक्रवार को ही मध्य प्रदेश के 17 धार्मिक शहरों और कस्बों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने संतों और सामाजिक संगठनों की सलाह पर राज्य के धार्मिक शहरों में शराब की दुकानें बंद करने का फैसला किया है. 

सीएम यादव ने कहा, "राज्य में नर्मदा नदी के दोनों तटों पर शराबबंदी पहले की तरह लागू रहेगी."

अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश एक विकसित राज्य के रूप में अपनी पहचान बना रहा है और निवेश के लिए देश में एक आकर्षक राज्य बन गया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 2025 को "उद्योग और रोजगार का वर्ष" घोषित किया है.

यादव ने कहा कि राज्य सरकार को विभिन्न स्थानों पर आयोजित सात क्षेत्रीय औद्योगिक सम्मेलनों और देश-दुनिया के प्रमुख शहरों में आयोजित कार्यक्रमों से 4.17 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. उन्होंने कहा कि अगर ये प्रस्ताव मूर्त रूप लेते हैं तो चार लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1.42 लाख रुपये हो गई है और अगले पांच वर्षों में राज्य के 2.50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने आगे बताया कि 12 साल पहले राज्य में अक्षय ऊर्जा का उत्पादन केवल 438 मेगावाट था और दिसंबर 2024 में यह बढ़कर 7,300 मेगावाट हो गया है. हम 2030 तक राज्य में 20,000 मेगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य को प्राप्त करने की ओर बढ़ रहे हैं." 

मुख्यमंत्री ने कहा कि समय और सरकारी संसाधनों की बचत के लिए अगले डेढ़ साल में ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि न्यायालयों में लंबित मामलों में कैदियों की पेशी और डॉक्टरों की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो सके. 

डॉ. बी.आर. आंबेडकर के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माण में उनकी अविस्मरणीय भूमिका रही है.  यादव ने कहा कि संविधान नागरिकों को उनके कर्तव्यों, अधिकारों, गौरव और स्वाभिमान के प्रति जागरूक करता है. डॉ. अंबेडकर का जन्म इंदौर के निकट महू में हुआ था. राज्य के मंत्रियों ने भी विभिन्न जिलों में आयोजित समारोहों में भाग लिया, मुख्यमंत्री का संदेश पढ़ा और समारोहिक परेड का निरीक्षण किया. 

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