
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक शख्स को लीवर ट्रांसप्लांट के जरिए नया जीवन मिला है. रेगुलर फ्लाइट के जरिए गोवा से इंदौर लाए गए लीवर को 67 साल के बुजुर्ग के शरीर में ट्रांसप्लांट किया गया जिससे वह पूरी तरह स्वस्थ हो गए. अधिकारियों ने शुक्रवार को ये जानकारी दी है. दरअसल, गोवा में 45 साल के अजय गिरी को ब्रेन हैमरेज के बाद 26 जनवरी को गोवा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अधिकारियों ने बताया कि उनकी हालत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने 29 जनवरी को उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया था.
बता दें कि कोई भी ब्रेन डेड व्यक्ति ऑर्गन डोनर हो सकता है. अगर वह व्यक्ति रजिस्टर्ड ऑर्गन डोनर था, या उसके परिवार को उसके अंग दाता बनने की इच्छा के बारे में पता था, तो उसकी मृत्यु घोषित कर दी जाती है.
गिरि का दुःखी परिवार उनके अंग दान के लिए सहमत हो गया, जिसके बाद सर्जनों ने उनके ब्रेन डेड शरीर से लीवर निकाला. रक्त को फ़िल्टर करने वाला लीवर, पोषक तत्वों का चयापचय भी करता है और भोजन को पचाने में मदद करता है. अजय के लीवर को एक प्राइवेट एयरलाइन की रेगुलर फ्लाइट से गुरुवार शाम को गोवा से मध्य प्रदेश के इंदौर भेजा गया था.
अधिकारी ने बताया कि बाद में अंग को इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती 67 साल के मरीज के शरीर में ट्रांसप्लांट कर दिया गया. इंदौर सोसाइटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के संस्थापक-सचिव डॉ संजय दीक्षित ने पीटीआई को बताया कि 'लिवर ट्रांसप्लांट ऑपरेशन के बाद मरीज अच्छा महसूस कर रहा है. गिरि के मरणोपरांत अंग दान ने उन्हें एक नया जीवन दिया है.'