
भोपाल और तेलंगाना से पकड़े गए हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) के संदिग्धों के मामले में आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने बड़ा खुलासा किया है. एटीएस से पूछताछ में संदिग्धों ने बताया है कि वह भोपाल से सटे रायसेन जिले के जंगलों में ट्रेनिंग कैंप लगाते थे और गोलियां चलाना सीखते थे.
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, 'हैदराबाद से गिरफ्तार कट्टरपंथी संगठन हिब्ज-उत-तहरीर (HuT) से जुड़े 5 लोग भोपाल लाए गए हैं. संदिग्ध लोगों के इंटरनेशनल कनेक्शन और फंडिंग सहित कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है. मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार में किसी भी आतंकी संगठन को सर उठाने की इजाजत नहीं दी जाएगी.'
बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसकी जानकारी दी और बताया कि मध्य प्रदेश एटीएस ने सफलतापूर्वक इस कार्रवाई को अंजाम देते हुए मध्यप्रदेश के भोपाल और छिंदवाड़ा समेत तेलंगाना से कुल 15 संदिग्धों को गिरफ्तार किया. अदालत ने मध्य प्रदेश एटीएस को पकड़े गए सभी संदिग्धों की 19 मई तक रिमांड सौंपी है.
रिमांड के दौरान पूछताछ में संदिग्धों ने बताया कि वह जंगल में कैंप लगाकर फायरिंग सीखते थे और जंगल वॉरफेयर की तैयारी करते थे. गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया की एटीएस से पूछताछ के बाद अब इस बात की जांच की जा रही है कि इन तमाम लोगों को फॉरेन फंडिंग किन स्त्रोतों से होती थी.
आपको बता दें कि केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर मध्य प्रदेश एटीएस ने भोपाल से 09, छिंदवाड़ा से 01 और तेलंगाना से 05 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था. सभी को कोर्ट में पेश किया गया जहां अदालत ने एटीएस की अपील को मंजूर करते हुए सभी को 19 मई तक एटीएस को सौंप दिया.