
मध्य प्रदेश के बैतूल में 'मांझी सरकार' ने पुलिस से मांग की है कि अगर कोई गैर-आदिवासी लड़का, आदिवासी लड़की को बहला-फुसलाकर उससे शादी करता है तो उसके हाथ और पैर काट देना चाहिए.
बैतूल में मांझी सरकार के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए रैली निकालकर एडिशनल एसपी को इस मांग से जुड़ा ज्ञापन सौंपा. उन्होंने मांग की है कि अगर आदिवासी समाज की लड़की को कोई गैर-आदिवासी लड़का बहला-फुसलाकर शादी कर लेता है तो वह सजा का भागी होगा. उसके हाथ पैर काट देना चाहिए. इसके साथ ही आदिवासी लड़की का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर देना चाहिए.
दरअसल, हाल में आदिवासी समाज की लड़की गैर आदिवासी लड़के के साथ चली गई थी . इस लड़की को वापस लाने उसके माता पिता के साथ मांझी सरकार के सैनिक विष्णुपुर गांव गए तो दोनों पक्षों में विवाद हो गया और मारपीट हो गई . लड़के के पक्ष ने मांझी सैनिकों के खिलाफ चोपना थाने में मामला दर्ज कराया था. मामला दर्ज होने से मांझी सरकार के सैनिक नाराज हो गए और उन्होंने सोमवार को विरोध प्रदर्शन कर रैली निकाली. मांझी सरकार के सैनिकों का आरोप है कि उनके ऊपर झूठा मामला दर्ज किया गया है. इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए.
बता दें कि मांझी सरकार आदिवासियों का संगठन है और इसके कार्यकर्ता खाकी वर्दी पहनते हैं.अब मांझी सरकार ने अंतर्जातीय विवाह के खिलाफ मुद्दा उठाया है. उनका आरोप है कि गैर आदिवासी समाज के लोग आदिवासी लड़कियों को बहला फुसलाकर उनसे शादी करते हैं और उनके आरक्षण का लाभ उठाते हैं. इसके साथ ही उन लड़कियों के नाम पर आदिवासियों की जमीन खरीदते हैं. नियम से आदिवासी की जमीन को कोई गैर आदिवासी नहीं खरीद सकता.