
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में परिवहन विभाग के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा और उसके साथी चेतन गौर के यहां लोकायुक्त के छापे में बड़ी संख्या में संपत्ति के दस्तावेज, नगद राशि, सोना-चांदी और महंगे आइटम मिले हें. बता दें कि लोकायुक्त की छापेमारी अब ख़त्म हो गई है.
लोकायुक्त की टीम को सौरभ के दफ्तर E-7/657 पर कीमती सामान मिला है. उसकी कीमत 30 लाख है, जबकि 1,72,00,000 रुपए नकद मिले हैं. 234 किलो चांदी मिली है, जिसकी कीमत 2,10,00,000 है. इसकी कुल कीमत 4,12,00,000 है.
सौरभ शर्मा के मकान E-7/78 में छापे के दौरान भी कीमती सामान मिला है. इसमें गाड़ी और घर के सामान की कुल कीमत 2,21,00,000 है, जबकि 50 लाख के गोल्ड और डायमंड की ज्वैलरी मिली है. जबकि 1 करोड़ 15 लाख कैश मिला है. इसकी कुल कीमत 3 करोड़ 86 लाख है. दोनों जगह अभी तक 7 करोड़ 98 लाख का सामान, कैश और ज्वैलरी बरामद हो चुकी है.
कांग्रेस का दावा- परिवहन विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार
पीटीआई के मुताबिक मध्य प्रदेश कांग्रेस ने शनिवार को राज्य के परिवहन विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का दावा किया और सीबीआई जांच की मांग की. साथ ही दावा किया कि वह जांच के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी. हालांकि सत्तारूढ़ भाजपा ने आरोपों को खारिज कर दिया. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस सप्ताह की शुरुआत में विभाग के एक पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा से जुड़े ठिकानों पर लोकायुक्त छापे के दौरान 2.85 करोड़ रुपये नकद, सोना और चांदी सहित संपत्ति बरामद होने के बाद यह दावा किया. कांग्रेस नेताओं ने यह भी दावा किया है कि सौरभ शर्मा का संबंध उस 10 करोड़ रुपये नकद और 52 किलोग्राम सोने से भी है, जिसे आयकर अधिकारियों ने हाल ही में भोपाल में एक लावारिस कार से बरामद किया था.
भाजपा रावण की तरह राज्य को लूट रही: जीतू पटवारी
पत्रकारों से बात करते हुए जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार रावण की तरह राज्य को लूट रही है, उन्होंने कहा कि टेंडर स्तर पर भी 30 प्रतिशत तक की भारी कटौती की जा रही है, इस भ्रष्टाचार से लड़ना राज्य कांग्रेस की जिम्मेदारी है. हम मांग करते हैं कि परिवहन विभाग में पिछले 2 दशकों में हुए भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच कराई जाए. हम हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराने की मांग को लेकर हाईकोर्ट भी जाएंगे. पटवारी ने कहा कि अगर एक कांस्टेबल इतनी बड़ी संपत्ति जमा कर सकता है, जिसमें '50 करोड़ रुपये का सोना' भी शामिल है, तो कोई कल्पना कर सकता है कि 'विभाग के प्रमुख सचिव और मंत्री' के पास कितनी संपत्ति होगी.