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आखिर क्यों नहीं बनाया शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री? मोहन सरकार के मंत्री ने बता दी वजह

MP News: जनजातीय मंत्री विजय शाह ने कहा कि हमारी पार्टी अलग सोच रखती है. मुझे जनजातीय मंत्री बनाया गया है. प्रधानमंत्री मोदी जी के दिल में बात आई कि विजय शाह को यह पद देना चाहिए. 10 साल मंत्री रहा है. प्रधानमंत्री ने मुझे बड़ा दायित्व दिया. 39000 करोड़ का बजट दिया है.

जनजातीय मंत्री विजय शाह. जनजातीय मंत्री विजय शाह.
विकास दीक्षित
  • गुना ,
  • 15 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 1:01 PM IST

मध्य प्रदेश में भारी बहुमत से चुनाव जीती बीजेपी ने शिवराज सिंह चौहान को पांचवीं बार मुख्यमंत्री नहीं बनाया. उनकी जगह उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक डॉ मोहन यादव को प्रदेश का मुखिया बना दिया. आखिर क्यों शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया और इसके पीछे पार्टी की सोच क्या थी? इसका  जनजातीय मंत्री विजय शाह ने खुलासा कर दिया है... 

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MP सरकार में जनजातीय मंत्री विजय शाह ने बताया, बीजेपी परिवर्तन और प्रयोग करती रहती है. जब विजय शाह से पूछा गया कि आखिर शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री क्यों नहीं बन पाए? तो विजय शाह ने जवाब देते हुए कहा- किसी को हटाया नहीं गया है. सभी के लिए अलग-अलग दायित्व निर्धारित किए गए हैं. जिसकी जहां जरूरत होती है, पार्टी उसका उपयोग वहां करती है. 

विजय शाह ने दोहराते हुए कहा, किसी को पद से हटाया नहीं गया है. बीजेपी के लिए राजनीति व्यापार नहीं है. पैसा कमाने का जरिया नहीं है. बीजेपी समाज सेवा के भाव से राजनीति करती है. संगठन में किसी को कुछ नहीं मिलता फिर भी पार्टी का काम करते हैं.
 
जनजातीय मंत्री ने कहा कि हमारी पार्टी अलग सोच रखती है. मुझे जनजातीय मंत्री बनाया गया है. प्रधानमंत्री मोदी जी के दिल में बात आई कि विजय शाह को यह पद देना चाहिए. 10 साल मंत्री रहा है. प्रधानमंत्री ने मुझे बड़ा दायित्व दिया. 39000 करोड़ का बजट दिया है.

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तो निमंत्रण ही क्यों देते?

राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कांग्रेस और विपक्ष की नाराजगी को लेकर मंत्री विजय शाह ने कहा, भगवान राम का विरोध करने वालों की बात करना भी उचित नहीं है. दिग्विजय सिंह, कपिल सिब्बल जैसे लोग तो राम के अस्तित्व को नकारते थे. अब कांग्रेसी कह रहे हैं कि हमें नहीं बुलाया गया. जब बुला रहे हैं तो आ नहीं रहे. रामजन्म भूमि ट्रस्ट के मन में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है अगर होता तो निमंत्रण ही क्यों देते? यदि कांग्रेस और विपक्ष राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण ठुकराते हैं तो उनकी बुद्धि को मैं प्रणाम करता हूं.  

मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर शंकराचार्यों की नाराजगी को लेकर मंत्री विजय शाह ने बयान देते हुए कहा,  शंकराचार्यों के लेवल पर बात करने का अधिकार मुझे नहीं है. धर्म संस्थाओं के अपने विचार हैं. लेकिन राजनीतिक लोगों को अयोध्या पहुंचकर भगवान के सामने नतमस्तक होना चाहिए.

विजय शाह ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि "सुन लो कांग्रेसियों, रामलला विराजमान हो रहे हैं. 22 जनवरी को तारीख भी दे दी गई है. आपको राजा साहब दर्शन भी कराएंगे."

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