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मध्य प्रदेश: एक साल की मासूम ने निगली हेयर पिन, डॉक्टर्स ने सांस नली से निकालकर बचाई जान

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एम्स अस्पताल में डॉक्टरों ने बड़े जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया है. एक साल की मासूम बच्ची ने गलती से एक हेयर पिन को निगल लिया था. ये उसकी श्वास नली में जाकर अटक गई. डॉक्टर्स की टीम ने इस पिन को निकालकर उसकी जान बचाई है.

बच्ची की श्वास नली से निकाली हेयर पिन बच्ची की श्वास नली से निकाली हेयर पिन
रवीश पाल सिंह
  • भोपाल,
  • 01 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 6:14 PM IST

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में डॉक्टर्स ने एक साल की मासूम बच्ची की जान बचाने के लिए जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया है. बच्ची ने गलती से एक हेयर पिन निगल लिया था, जो उसकी श्वास नली में जाकर अटक गई. पिन अटकने की वजह से उसे सांस लेने में दिक्कत आ रही थी. तकलीफ से बेहाल बच्ची को लेकर परिजन भोपाल एम्स पहुंचे, जहां डॉक्टर्स की एक टीम ने जांच की और बच्ची का ऑपरेशन करने का तय किया.

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भोपाल एम्स के मुताबिक एक साल की बच्ची को पिछले तीन दिन से घरघराहट और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. समस्या की गंभीरता को देखते हुए उसके परिजन पहले उसे इंदौर ले गए, जहां से उसे भोपाल एम्स रेफर कर दिया गया. बच्ची को भोपाल एम्स के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में भर्ती कराया गया.

एम्स के डॉ. विकास गुप्ता के नेतृत्व में ईएनटी सर्जनों की एक टीम ने बच्ची की गहन जांच की. उसकी छाती की इमरजेंसी रेडियोग्राफी कराई गई. वहीं हाई रिजॉल्यूशन सीटी (कम्प्यूटेड टोमोग्राफी) की गई. इसकी रिपोर्ट में सामने आया कि बच्ची के दाहिने फेफड़े (राइट ब्रोन्कस) की श्वासनली के निचले हिस्से में एक लंबा हेयरपिन फंसा है.

ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर्स की टीम

डॉ. विकास गुप्ता की टीम ने बच्ची को पहले सामान्य एनेस्थीसिया दी. इसकी मदद से बच्ची की आपातकालीन रिजिड ब्रोन्कोस्कोपी की गई और उसकी दाहिनी मध्य श्वसन नली (ब्रोन्कस) से ऑप्टिकल चिमटे का उपयोग करते हुए हेयर पिन को निकाला लिया गया. ये हेयरपिन करीब चार सेंटीमीटर लंबी थी. डॉक्टरों के मुताबिक श्वास नली में इस तरह की कोई बाहरी वस्तु फंस जाए तो यह जानलेवा हो सकता है.

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इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम देने वाले ईएनटी की ऑपरेशन टीम में डॉ. विकास गुप्ता, डॉ. उत्कल पी. मिश्रा, डॉ. गणकल्याण बेहरा, डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. अंगम और डॉ.
रश्मा और एनेस्थीसिया टीम में डॉ. पूजा सिंह, डॉ. जे. पी. शर्मा, डॉ. रिया, डॉ. सौविक और डॉ. थॉमस शामिल थे.

 

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