
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में एक और चीता की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. चीता के शव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई है. इसमें पता चला है कि 'तेजस' एक मादा चीते के साथ हिंसक लड़ाई के बाद सदमे में आ गया था और इससे उबरने में समर्थ नहीं था.
एक वन अधिकारी ने बुधवार को बताया कि कूनो नेशनल पार्क में बीते चार महीने के अंदर 7वें चीते की मौत हुई है, जोकि इसी साल फरवरी महीने में साउथ अफ्रीका से लाया गया था. 'तेजस' नाम के इस चीते की उम्र करीब साढ़े पांच साल थी. इसकी मौत बीते कूनो पार्क में बीते मंगलवार को ही हुई थी.
43 किलो था तेजस का वजन
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, इस चीते का वजन 43 किलोग्राम था, जोकि एक नॉर्मल नर चीते की तुलना में कम था. इसकी इंटरनल बॉडी पार्ट्स सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसी स्थिति में उसके स्वस्थ होने की संभावना काफी कम होती है. इसमें कहा गया है कि हो सकता है कि आंतरिक रूप से कमजोर होने की वजह से तेजस मादा चीते के साथ हिंसक झड़प के बाद सदमे से उबर नहीं पाया.
शुरुआती नजर में मौत की वजह दर्दनाक सदमा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि तेजस की इंटरनल बॉडी के हिस्सों के सैंपल को आगे की जांच के लिए जबलपुर स्थित स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ को भेजे गए थे.
नामीबिया और साउथ अफ्रीका से लाए गए थे चीते
बता दें कि कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनरोत्थान के लिए नामीबिया और साउथ अफ्रीका से 20 चीते लाए गए थे, लेकिन अलग-अलग कारणों से अभी तक 4 वयस्क और 3 शावकों की मौत हो चुकी है. इसके बाद कूनो में अब 16 वयस्क चीते और 1 शावक स्वस्थ अवस्था में है. इनमें से 12 चीतों को कूनो के खुले जंगल में छोड़ दिया गया है. वहीं 4 चीते और एक शावक बडे़ बाडे़ में मौजूद है.
कूनो नेशनल पार्क में कब किस चीते की हुई मौत?
अब तक 4 चीता समेत 3 शावकों की मौत हो चुकी है. कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया और साउथ अफ्रीका से कुल 20 चीते लाए गए थे, इनमें से नामीबियाई मादा चीता ज्वाला ने 4 शावकों को जन्म दिया था. यहां 26 मार्च 2023 को नामीबियाई मादा चीता साशा की मौत किडनी संक्रमण के चलते हो गई थी. वहीं नर चीता उदय की मौत 23 अप्रैल 2023 को कार्डियो पल्मोनिरी फेलियर के चलते हुई थी.
हिंसक इंट्रक्शन में हो चुकी है नर चीतों की मौत
इसके बाद दक्षा की मौत 9 मई 2023 को नर चीतों के साथ हिंसक इंट्रक्शन के चलते हो गई थी. नामीबियाई मादा चीता सियाया (ज्वाला) के 4 शावकों में से एक की मौत 23 मई को, इसके बाद दो की मौत 25 मई को डिहाइड्रेशन से हो गई थी. अब मंगलवार 11 जुलाई को एक और साउथ अफ्रीकी चीता तेजस की मौत संभवतः नामीबियाई मादा चीता नाभा (सवाना) के साथ हिंसक इंट्रक्शन के चलते हो गई है.