
मध्य प्रदेश पुलिस ने छतरपुर कोतवाली पर पथराव की घटना के मुख्य आरोपी हाजी शहजाद अली के लिए लुकआउट सर्कुलर जारी किया है, ताकि वह देश छोड़कर भाग न जाए. उधर, प्रशासन कार्रवाई के दौरान आरोपी की आलीशान हवेली को ढहा चुका है.
पुलिस अधीक्षक (एसपी) अगम जैन ने कहा कि आरोपी शहजाद अली देश छोड़कर भाग न पाए, इसके लिए लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है. वहीं, पुलिस उपद्रव और पथराव करने के मामले में 46 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी है.
दरअसल, हिंदू संत रामगिरी महाराज ने कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के नासिक जिले के सिन्नर तालुका के शाह पंचाले गांव में एक धार्मिक आयोजन के दौरान कथित तौर पर इस्लाम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.
इसके विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने 21 अगस्त को विरोध प्रदर्शन किया था, लेकिन यह हिंसक हो गया. धार्मिक नेताओं के नेतृत्व में करीब 300-400 लोग पुलिस थाने पहुंचे और रामगिरी महाराज के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की. महाराज पर पैगंबर के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर महाराष्ट्र में पहले से ही कई एफआईआर दर्ज हैं.
बताया गया कि भीड़ अचानक आक्रामक हो गई और पथराव करने लगी. पुलिस थाने पर हमले के बाद स्थानीय प्रशासन ने हाजी शहजाद अली के घर को यह कहते हुए ध्वस्त कर दिया कि यह बिना अनुमति के बनाया गया था.
उधर, कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के डीजीपी को एक ज्ञापन सौंपकर 'बुलडोजर न्याय' की 'प्रवृत्ति' की निंदा की. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी अली के घर को गिराए जाने की निंदा की और इसे राज्य प्रायोजित सांप्रदायिकता करार दिया.
छतरपुर की घटना के बारे में ऐसी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और सरकार संवैधानिक मानदंडों के अनुसार काम कर रही है.