
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित भ्रष्टाचार मामले में आरोपी पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा को लोकायुक्त कोर्ट से जमानत मिल गई है. सौरभ के वकील के मुताबिक, लोकायुक्त ने मामले में प्रकरण दर्ज करने के बाद 60 दिनों के भीतर चालान पेश नहीं किया, जिसके आधार पर कोर्ट ने उन्हें जमानत दी.
हालांकि, सौरभ शर्मा को अन्य मामलों में अब तक जमानत नहीं मिली है, जिसके चलते वह फिलहाल जेल में ही रहेगा. उसकी रिहाई तभी संभव होगी जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कोर्ट से भी उसे जमानत मिल जाए, लेकिन फिलहाल इसकी संभावना कम नजर आ रही है.
छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति बरामद
बता दें कि लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान 234 किलो चांदी और करोड़ों रुपये कैश बरामद किए थे. इसके बाद, सौरभ के एक सहयोगी की कार से आयकर विभाग को 54 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये नकद मिले थे.
इस मामले में लोकायुक्त की जांच के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी कार्रवाई शुरू की और सौरभ शर्मा, उसके सहयोगियों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर छापा मारकर करोड़ों की संपत्ति जब्त की थी.
अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि ईडी कोर्ट में सौरभ शर्मा को जमानत मिलती है या नहीं. फिलहाल, वह जेल में ही रहेगा और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच जारी है.