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बागेश्वर धाम में होगा 251 बेटियों का विवाह, नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंने पहुंचेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध बागेश्वर धाम का दौरा करेंगी. इस दौरान वे 251 बेसहारा कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होंगी.

बागेश्वर धाम आएंगी राष्ट्रपति मुर्मू. (फोटो साभार:AI) बागेश्वर धाम आएंगी राष्ट्रपति मुर्मू. (फोटो साभार:AI)
aajtak.in
  • छतरपुर ,
  • 25 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 5:55 PM IST

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 26 फरवरी महाशिवरात्रि के अवसर पर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले स्थित बागेश्वर धाम पहुंचकर सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होंगी. यह आयोजन बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है. 

श्री बागेश्वर जन सेवा समिति ने छतरपुर जिला के मुख्यालय से करीब 23 किलोमीटर दूर गढ़ा गांव में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया है, जहां राष्ट्रपति मुर्मू मौजूद रहेंगी. इस दौरान वे 251 बेसहारा कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होंगी और नवदंपतियों को अपना आशीर्वाद देंगी. 

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छतरपुर के जिला कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू सुबह 10 से 11 बजे के बीच गढ़ा पहुंचेंगी और बुधवार को दोपहर करीब 2 बजे रवाना होंगी. जायसवाल ने कहा, "राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर सभी तैयारियां कर ली गई हैं." 

छतरपुर जिला प्रशासन ने बताया कि सुरक्षा के लिए 1500 से 2000 जवानों की तैनाती की जाएगी, साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पानी, शौचालय और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं. कार्यक्रम स्थल को 30-35 सेक्टरों में विभाजित किया गया है और लोगों के लिए बड़ी टीवी स्क्रीन भी लगाई जाएंगी. 

इससे पहले 23 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बागेश्वर धाम में बनने वाले कैंसर अस्पताल सहित 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली स्वास्थ्य सुविधा की आधारशिला रखी थी. 

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के इन दौरों से बागेश्वर धाम का महत्व और बढ़ गया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में तैयारियों का जायजा लिया और निर्देश दिए कि कार्यक्रम गरिमामय और सुव्यवस्थित हो.

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स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा न केवल धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास और सामाजिक उत्थान के प्रयासों को भी रेखांकित करता है. उनके आगमन से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है. 

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