
इंदौर शहर में भिक्षावृत्ति को रोकने के प्रयास के दौरान महिला बाल विकास विभाग की टीम ने एक महिला और एक पुरुष भिखारी को पकड़ा. इन दोनों के पास काफी कैश मिला, जो इन्होंने भीखकर कमाए थे. गुरुवार को एमजी रोड स्थित मस्जिद के पास महिला को भिक्षावृत्ति करते हुए पकड़ा गया.
महिला के बैग की तलाशी लेने पर अलग-अलग पर्स में ₹45 हजार नकद मिले. पूछताछ में पता चला कि महिला दूसरे शहरों से इंदौर आकर भीख मांगती है. अधिकारियों ने बताया कि यह महिला एमजी रोड के पास स्थित मस्जिद के पास रहती है और भिक्षावृत्ति करती है.
दो भिखारियों के पास मिले काफी रुपये
वहीं, टीम ने एक पुरुष भिखारी को भी पकड़ा उसके पास से ₹20 हजार नकद और बाहर के शहरों की ट्रेन के टिकट बरामद हुई. इस पुरुष ने भी कबूल किया कि वह दूसरे शहरों से इंदौर आकर भीख मांगता है.
महिला बाल विकास अधिकारी ने बतया कि यह पहली बार नहीं है जब इंदौर में बड़े पैमाने पर नकद पैसे रखने वाले भिखारी पकड़े गए हैं. इससे पहले एक अन्य महिला भिखारी से ₹75 हजार नकद बरामद हुए थे, जो उसने 15 दिनों में जमा किए थे.
इंदौर को भिखारी मुक्त शहर बनाने का प्रयास
इंदौर को भिखारी मुक्त शहर बनाने का प्रयास किया जा रहा है. लेकिन जांच में सामने आया है कि भिक्षावृत्ति कुछ लोगों के लिए आय का मुख्य जरिया है. प्रशासन अब इन मामलों की जांच कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित कर रहा है.
बता दें, कलेक्टर ने हाल ही में घोषणा की थी कि भीख देने और मांगने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी. महिला बाल विकास विभाग ने भिक्षुक मुक्त अभियान के तहत अब तक करीब 300 से अधिक भिखारियों को रेस्क्यू कर उज्जैन सेवा धाम में निर्वासित किया है.