
अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर फिर चर्चा में आ गई हैं. इस बार उन्होंने बीजेपी से निलंबित नूपुर शर्मा के समर्थन में बयान दिया है. साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा है कि सच कहना अगर बगावत है तो समझो हम भी बागी हैं.
साध्वी प्रज्ञा ने ट्वीट किया, ''सच कहना अगर बगावत है तो समझो हम भी बागी हैं. जय सनातन, जय हिंदुत्व...'' ट्वीट के बाद साध्वी प्रज्ञा ने नूपुर शर्मा के समर्थन में खुलकर बयान दिया. उन्होंने कहा कि मुसलमानों को असलियत बताने पर इतनी तकलीफ क्यों होती है? कमलेश तिवारी का जिक्र करते हुए साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि जो कहा उसके बाद उनकी हत्या कर दी गई.
उन्होंने कहा कि मैं शायद इस बात से बदनाम हूं कि मैं सत्य बोलती हूं, चाहे कुछ भी हो. यह भी एक सत्य है कि वहां (ज्ञानवापी) शिव मंदिर था, है और रहेगा. उसको फव्वारा कहना हमारे हिंदू मानदंड, हमारे हिंदू देवी-देवता, सनातन के मूल पर कुठाराघात है, इसलिए हम असलियत बताएंगे.
असलियत हम बता रहे हैं तो क्यों तकलीफ है?
बीजेपी सांसद इतने पर ही नहीं रुकीं. उन्होंने कहा कि हमारी असलियत तुम बता दो, हमें स्वीकार है. लेकिन तुम्हारी असलियत हम बता रहे हैं तो क्यों तकलीफ है? इसका मतलब कहीं ना कहीं इतिहास गंदा है. हमेशा विधर्मियों ने ऐसा किया है. साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि ये हमारे देवी-देवताओं को लेकर फिल्म बनाते हैं, डायरेक्शन करते हैं, प्रोड्यूस करते हैं और गालियां देते हैं. उन्होंने कहा कि आज से नहीं, इनका पूरा इतिहास है.
साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि ये भारत है. ये हिंदुओं का है. यहां सनातन जिंदा रहेगा और सनातन को जिंदा रखना हम लोगों की जिम्मेदारी है और हम इसे निभाएंगे. विधर्मी जो हैं, वे अपनी मानसिकता को हर जगह स्टैंड करना चाहते हैं. लेकिन सनातनी अपने धर्म को स्थापित करता है जो मानवीय हित के लिए है.
नूपुर के बयान पर हुआ था विवाद
बता दें कि नूपुर शर्मा ने एक टीवी डिबेट में पैगंबर को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. इसके बाद विवाद काफी बढ़ गया था. यहां तक कि अरब देशों ने भी नूपुर शर्मा की टिप्पणी की निंदा की थी जिसके बाद बीजेपी ने नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया. बीजेपी ने इसे लेकर बयान भी जारी किया था और नूपुर के बयान से किनारा करते हुए ये भी साफ कहा था कि इस तरह की टिप्पणी पार्टी के मूल विचार के खिलाफ है.