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हिंदू छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए किया मजबूर! MP के दमोह में प्राइवेट स्कूल के खिलाफ शिकायत

मध्य प्रदेश के दमोह में एक निजी स्कूल पर हिंदू छात्रों को हिजाब पहनकर आने के लिए मजबूर करने का आरोप लगा है. हिंदू संगठनों का आरोप है कि हिंदू और दूसरे धर्म की छात्रों को जबरदस्ती हिजाब पहनाया जा रहा है. हालांकि, स्कूल प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने किसी को इसके लिए मजबूर नहीं किया है.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
रवीश पाल सिंह
  • भोपाल,
  • 31 मई 2023,
  • अपडेटेड 9:58 PM IST

मध्य प्रदेश के दमोह के एक प्राइवेट स्कूल पर हिंदू छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए मजबूर करने का आरोप लगा है. हिंदू संगठनों की शिकायत के बाद इस मामले में जांच शुरू हो गई है. घटना सामने आने के बाद पूरे शहर में हंगामा मच गया है. हिंदू संगठनों ने कलेक्टर ऑफिस के सामने धरना देते हुए स्कूल का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग की है.

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अधिकारियों के मुताबिक शिकायतकर्ताओं का दावा है कि दमोह के निजी स्कूल में हिंदू छात्राओं को ऐसी ड्रेस पहनने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिसमें हिजाब शामिल है. इस मामले पर एमपी के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा है कि अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है. लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक को जांच के आदेश दिए गए हैं. उन्होंने आगे कहा है कि इस मामले की जांच पहले जिला शिक्षा अधिकारी कर चुके हैं.

प्राइवेट स्कूलों में ड्रेस को लेकर नियम नहीं

मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने भी इस मामले पर बयान जारी किया है. उन्होंने कहा है कि अगर जबरदस्ती स्कूल प्रबंधन हिंदू बच्चियों को हिजाब पहना रहा है तो दमोह कलेक्टर को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने मांग की है कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि क्या इसकी अनुमति छात्राओं के परिवार से ली गई है? उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों की ड्रेस तो तय है, लेकिन निजी स्कूलों को लेकर ऐसी कोई गाइडलाइन नहीं है. इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात कर पॉलिसी बनाई जाएगी. इस मामले में एफआईआर करने की जरूरत पड़े तो वह भी की जाए.

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गृह मंत्री के निर्देश के बाद शुरू हुई जांच

मामले पर दमोह कलेक्टर मयंक अग्रवाल का कहना है कि इससे पहले धर्मांतरण के आरोप के बारे में जांच की जा चुकी है, लेकिन यह आरोप सच नहीं पाया गया था. कलेक्टर ने आगे कहा कि गृह मंत्री के निर्देश के बाद मामले की जांच के लिए तहसीलदार, जिला शिक्षा अधिकारी और पुलिस अधिकारियों की एक टीम गठित की जा रही है.

स्कूल का सफाई- किसी को मजबूर नहीं किया

मामले पर स्कूल के मालिक मुस्ताक खान का कहना है कि स्कूल ड्रेस में हेडस्कार्फ शामिल है. किसी को भी इसे पहनने के लिए मजबूर नहीं किया गया. वहीं, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने एक ट्वीट में कहा है कि मध्य प्रदेश के दमोह जिले के एक स्कूल में हिंदू और अन्य गैर-मुस्लिम लड़कियों को बुर्का और हिजाब पहनने के लिए मजबूर करने की शिकायत मिली है. उन्होंने कहा है कि मामले पर संज्ञान लेते हुए दमोह के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिये जा रहे हैं.

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