
वक्फ (संशोधन) विधेयक पर राजधानी भोपाल में मिलीजुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली. मुस्लिम समुदाय के कुछ वर्गों ने इसका स्वागत किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया, जबकि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद सहित अन्य लोगों ने विधेयक का विरोध किया.
संसद में विधेयक पेश किए जाने का जश्न मनाने के लिए हथाईखेड़ा क्षेत्र की रहमत मस्जिद में मुस्लिम पुरुषों और महिलाओं का एक समूह इकट्ठा हुआ. "हम वक्फ विधेयक का समर्थन करते हैं" और "शुक्रिया मोदी जी" जैसे संदेशों वाली तख्तियां लेकर वे ढोल की थाप पर नाच रहे थे.
रहमत मस्जिद समिति के अध्यक्ष मोहसिन-उल-हक ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि यह विधेयक वंचित मुसलमानों के कल्याण के लिए एक सकारात्मक कदम है. उन्होंने कहा, "हमने वक्फ विधेयक के समर्थन में एक कार्यक्रम आयोजित किया. हम विधेयक का समर्थन करते हैं क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि वक्फ भूमि का उपयोग गरीबों के लाभ के लिए किया जाएगा."
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा, "कुछ लोगों ने वक्फ संपत्तियों को अपनी संपत्ति समझ लिया है. गरीब और आम मुसलमानों को उनके लाभों से वंचित रखा गया है. यह विधेयक सुनिश्चित करता है कि भूमि जरूरतमंदों की सेवा करे."
हालांकि, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने विधेयक को 'काला कानून' बताते हुए खारिज कर दिया. पत्रकारों से बात करते हुए मसूद ने कहा, "हमने पहले ही इस विधेयक को खारिज कर दिया है. यह वक्फ संपत्तियों की रक्षा नहीं करेगा, बल्कि उन पर अतिक्रमण को बढ़ावा देगा." उन्होंने समारोहों की आलोचना करते हुए इसकी तुलना ट्रिपल तलाक बिल के लिए पिछले समर्थन से की. उन्होंने कहा, "जो लोग पहले जश्न मनाते थे, वे अब गायब हो गए हैं." मसूद ने कहा कि वे ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के रुख से सहमत हैं.
विपक्ष को जवाब देते हुए मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने विधेयक का बचाव करते हुए कहा कि इससे आम मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है, लेकिन यह उन अमीर नेताओं को चुनौती देता है, जिन्होंने कथित तौर पर वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग किया है. उन्होंने कहा, "यह विधेयक उन लोगों के लिए झटका है, जिन्होंने अवैध रूप से वक्फ की जमीन पर कब्जा कर रखा है. भोपाल में हजारों मुसलमानों ने प्रधानमंत्री मोदी और इस संशोधन का खुलकर समर्थन किया है. यह उन नेताओं के मुंह पर करारा तमाचा है, जो लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं."
भोपाल हुजूर से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी विधेयक का समर्थन करते हुए तर्क दिया कि इससे चुनिंदा परिवारों द्वारा वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग पर अंकुश लगेगा.
बता दें कि वक्फ संपत्तियों के कामकाज में सुधार, जटिलताओं को दूर करने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और प्रौद्योगिकी-संचालित प्रबंधन शुरू करने का प्रयास करने वाला यह विधेयक लोकसभा में पास हो गया है. सत्तारूढ़ एनडीए ने विपक्ष के इस आरोप के बीच विधेयक का जोरदार बचाव किया कि यह असंवैधानिक है और मुसलमानों को निशाना बनाता है.