
मध्यप्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी पर खुद कांग्रेस के नेता सवाल खड़े कर रहे हैं. पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वर्तमान में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक अजय सिंह 'राहुल भैया' ने कहा है कि जिन नेताओं के कारण एमपी में कांग्रेस का बुरा हाल हुआ, आज भी उनकी चल रही हो तो फिर कोई क्या करे, कांग्रेस पार्टी का भगवान ही मालिक है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आगे कहा, ''20 साल हो गए, लेकिन उन्हीं लोगों के फैसले चल रहे हैं. यह दुर्भाग्य है कांग्रेस पार्टी का. रायशुमारी हुई या नहीं हुई? यह तो अलग बात है, लेकिन हमारे अंचल के साथ कांग्रेस की सोच है ही नहीं. रीवा, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, उमरिया, कटनी आठ-नौ जिलों में उदाहरण के लिए दो-तीन नाम मिल जाएं, तो बड़ी बात है. क्या इसी से कांग्रेस मजबूती होगी?
मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख जीतू पटवारी के नेतृत्व में नई समिति में 177 सदस्य हैं, जिनमें 17 उपाध्यक्ष, 71 महासचिव, 16 सदस्य, 33 स्थायी आमंत्रित और 40 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल हैं.
इस पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी कहा, "मैंने कभी ऐसी कार्यकारिणी समिति नहीं देखी, जिसमें महासचिवों की संख्या उपाध्यक्षों से अधिक हो. इस तरह के कामकाज के कारण कांग्रेस पतन की ओर बढ़ रही है. वे समय के साथ चलना नहीं चाहते." यादव ने दोहराया कि वह राज्य में एक मजबूत विपक्ष देखना चाहते हैं.