
मध्य प्रदेश से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें चोरी के आरोप में जेल गया शख्स मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ बैठकर खाना खा रहा है. इतना ही नहीं, उसने सीएम के साथ सेल्फी भी ली और शिवराज सिंह ने बातों-बातों में उसकी पीठ भी थपथपाई. साथ ही उसे प्लॉट भी आवंटित किया गया. अब यह जानकारी सामने आने के बाद सीएम की सुरक्षा को लेकर चूक की बात हो रही है.
15 अप्रैल को हुआ था मुख्यमंत्री भू अधिकार पत्र वितरण कार्यक्रम
सीधी जिले में 15 अप्रैल को आयोजित मुख्यमंत्री भू अधिकार पत्र वितरण कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया में सुर्खियां बटोर रहा है. दरअसल, सीएम शिवराज सिंह गोतरा के इस कार्यक्र में पहुंचे थे. इसमें 142 हितग्राहियों को जमीनों का प्लाट आवंटित किया गया था. उनको पट्टा देने के कार्यक्रम के साथ ही अधिकार पत्र वितरण के बाद मंच पर सह भोज का आयोजन किया गया था.
सीएम शिवराज सिंह के बगल में बैठकर खाया खाना, ली सेल्फी
इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ जिले की प्रभारी मंत्री मीना सिंह, सांसद रीति पाठक, क्षेत्रीय विधायक कुंवर सिंह टेकाम शामिल हुए थे. इनके साथ साथ क्षेत्र के कई लोगों ने नाश्ता किया था. इसमें महुआ से बने हुए कई व्यंजन तैयार किए गए थे. दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के बगल में चोरी के आरोप में जेल से छूटे शख्स ने बैठकर खाना खाया. इतना ही नहीं उसने मुख्यमंत्री के बगल में बैठकर सेल्फी भी ली थी. इस दौरान सीएम के साथ उसने बातचीत भी की थी.
8 अप्रैल को गिरफ्तार, 10 को जेल से हुआ था रिहा
यह मुख्यमंत्री की सुरक्षा में बड़ी चूक बताई जा रही है. इस शख्स का नाम अरविंद गुप्ता है. वह एक अन्य युवक जयप्रकाश गुप्ता के साथ सीधी जिले के वन परीक्षेत्र मड़वास अंतर्गत दादर बीट बड़का ढोल में लकड़ी चोरी के आरोप में 8 अप्रैल जेल जा चुका है. वह 10 अप्रैल को जेल से रिहा हुआ था.
चोरी के आरोपी को सीएम ने प्लॉट भी आवंटित किया
मुख्यमंत्री भू अधिकार पत्र वितरण कार्यक्रम में 142 व्यक्तियों के साथ ही चोरी के आरोप में जेल गए अरविंद गुप्ता को मुख्यमंत्री के द्वारा प्लॉट भी आवंटित किया गया था. अब इसी वक्त की तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो रही है. मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन की यह बड़ी चूक है.
हालांकि, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी यह पता नहीं था कि उनके बगल में बैठा शख्स पांच दिन पहले चोरी के आरोप में जेल से छूटा है. सीएम ने बात-चीत के दौरान उसकी पीठ भी थपथपाई थी. इस मामले को लेकर सीधी जिला प्रशासन कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है.
छापा मारकर जब्त की थीं 43 लकड़ियां - डिप्टी रेंजर
डिप्टी रेंजर संजीव रंजन ने बताया कि 7 अप्रैल को अरविंद गुप्ता एवं जयप्रकाश गुप्ता बाइक में लकड़ी लेकर जा रहे थे. तभी पकड़े गए थे. पूछताछ करने पर बताया कि पवन सिंह नाम के व्यक्ति के घर से लकड़ी ले जा रहे हैं. वन विभाग की टीम ने छापा मारकर पवन सिंह के घर से 43 लकड़ियां जब्त की थीं. 8 अप्रैल को न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से 2 दिन के लिए जेल भेज दिया था. 10 अप्रैल को वह जेल से रिहा होकर बाहर आया है.