
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने एक बार फिर शराब नीति को लेकर सीएम शिवराज को पत्र लिखा है. उमा भारती ने शराब नीति को लेकर सीएम शिवराज को कई सुझाव दिए हैं. उमा भारती ने अपने पत्र में लिखा कि खुले में शराब पीने की व्यवस्था तुरंत बंद होनी चाहिए, क्योंकि इस वजह से लोग शराब पीकर वाहन चलाते हैं जो कि यातायात नियमों का उल्लंघन है और खुले में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होता है, महिलाओं में डर पैदा होता है और सज्जन लोग परेशानी में पड़ते हैं.
साथ ही उमा भारती का सुझाव है कि सभी तरह के शिक्षण संस्थानों से शराब की दुकानों की न्यूनतम दूरी एक किलोमीटर की रेडियस की होनी चाहिए. इसके अलावा सुझाव यह भी है कि शराब के ठेके सभी धर्मों के धार्मिक स्थानों से करीब आधा किलो मीटर की दूरी पर होने चाहिए.
'इन जगहों के पास न हों शराब की दुकानें'
इसके अलावा यह भी सुझाव दिया गया है कि मजदूरों की बस्ती, अस्पताल, अदालतों, बस स्टैंड से शराब की दुकान की दूरी करीब आधा किलोमीटर के रेडियस की होनी चाहिए. साथ ही उमा भारती ने यह भी लिखा है कि जिस प्रकार से सिनेमा हॉल में एवं अन्य जगहों पर शराब एवं सिगरेट के दोष बताए जाते हैं एवं लोगों को इससे दूर रहने को कहा जाता है. ऐसे बड़े-बड़े होर्डिंग हर जगह शराब की दुकान के बाहर हों एवं शराब की बोतल पर शराब की बुराइयां लिखी हुई हों.
'थानेदारों को मिलने चाहिए पूरे अधिकार'
बता दें कि उमा भारती ने यह भी सुझाव दिया है कि जहां भी शराब की दुकान हो उन स्थानों के पुलिस स्टेशन को यह सख्त निर्देश होना चाहिए कि दुकान में या दुकान के बाहर कोई भी व्यक्ति बैठकर शराब नहीं पी सकता, यदि ऐसा करते हुए कोई मिले तो उस व्यक्ति पर थानेदार को सख्त कार्यवाही करने के पूरे अधिकार होने चाहिए.