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MP: भोजपुर से दो टाइगर्स का रेस्क्यू, गांव के लोगों की मांग पर भेजे गए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व

MP News: खेतों में टाइगर्स के मूवमेंट से फसल कटाई रुक गई थी. यह मार्ग ग्रामीणों का मुख्य रास्ता है, जिससे भोजपुर, मंडीदीप और बंगरसिया का आवागमन होता है. कई ग्रामीण मंडीदीप की फैक्ट्रियों में काम करते हैं. टाइगर्स की वजह से उनका आना-जाना मुश्किल हो गया था.

टाइगर्स को रेस्क्यू कर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भेजा गया. टाइगर्स को रेस्क्यू कर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भेजा गया.
aajtak.in
  • भोपाल ,
  • 01 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 7:23 PM IST

मध्यप्रदेश के भोजपुर वन क्षेत्र से दो टाइगर्स को रेस्क्यू कर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भेजा गया है. यह कार्रवाई ग्रामवासियों की लगातार मांग और असुरक्षा की शिकायतों के बाद की गई. मुख्य वन संरक्षक भोपाल के मार्गदर्शन और वन मंडल अधिकारी ओबेदुल्लागंज के नेतृत्व में सोमवार को यह ऑपरेशन पूरा हुआ.

चिकलोद के स्टाफ ने टाइगर्स को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए. वन विहार भोपाल और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम, पशु चिकित्सकों, स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सहयोग से दोनों टाइगर्स को सुरक्षित पकड़ा गया. रेस्क्यू के बाद स्वास्थ्य परीक्षण कर इन्हें सतपुड़ा टाइगर रिजर्व रवाना किया गया.

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भोजपुर-ईमलिया मार्ग पर बीते एक महीने से ये टाइगर्स विचरण कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने 5 मवेशियों का शिकार किया. टाइगर्स की मौजूदगी से ग्रामीणों में डर का माहौल था.

खेतों में टाइगर्स के मूवमेंट से फसल कटाई रुक गई थी. यह मार्ग ग्रामीणों का मुख्य रास्ता है, जिससे भोजपुर, मण्डीदीप और बंगरसिया का आवागमन होता है. कई ग्रामीण मण्डीदीप की फैक्ट्रियों में काम करते हैं. टाइगर्स की वजह से उनका आना-जाना मुश्किल हो गया था.

ग्रामवासियों ने वन विभाग से बार-बार रेस्क्यू की मांग की थी. सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की गई थी. ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई की और दोनों टाइगर्स को रेस्क्यू करने का फैसला लिया. इस सफल ऑपरेशन से क्षेत्र में राहत का माहौल है.

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