
मध्य प्रदेश के मिनिस्टर और सीनियर बीजेपी लीडर कैलाश विजयवर्गीय का कांग्रेस कार्यालय में स्वागत-सत्कार करना दो कांग्रेस पदाधिकारियों को भारी पड़ गया. इसे अनुशासनहीनता मानते हुए प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने दोनों को निलंबित कर दिया गया है.
कैलाश विजयवर्गीय बीती 12 जुलाई को इंदौर के स्थानीय कांग्रेस कार्यालय (गांधी भवन) में पार्टी नेताओं को 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत आयोजित पौधारोपण अभियान में शामिल होने के लिए आमंत्रित करने गए थे. इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारी मंत्री विजयवर्गीय के साथ चाय-नाश्ते पर हंसी-मजाक करते देखे गए.
प्रदेश कांग्रेस की ओर से शहर इकाई के अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा और जिला इकाई के अध्यक्ष सदाशिव यादव को जारी नोटिस में कहा गया है, ''मां अहिल्या की नगरी में लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या करने वाले और इंदौर के लोगों से वोट का अधिकार छीनकर देश-विदेश में शहर को शर्मसार करने वाले ऐसे व्यक्ति का गांधी भवन (इंदौर का जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय) में स्वागत करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है.''
20 जुलाई को जारी और सोमवार को सामने आए इस नोटिस में चड्ढा और यादव से सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था. साथ ही कहा कि इस अवधि के दौरान दोनों अपने पदों से निलंबित रहेंगे.
नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने पुष्टि करते हुए कहा,कांग्रेस संगठन को दोनों नेताओं (सुरजीत सिंह चड्ढा और सदाशिव यादव) की ओर से नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला है और वे अभी भी अपने पदों से निलंबित हैं.
मुकेश नायक ने कहा कि चड्ढा और यादव ने कांग्रेस के इंदौर कार्यालय में विजयवर्गीय का स्वागत किया और उनके प्रति अनावश्यक शिष्टाचार दिखाया, जो वास्तव में पार्टी के साथ 'बेईमानी' है.
लोकसभा चुनाव हराने में कैलाश की बड़ी भूमिका
बता दें कि इंदौर से कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने अंतिम तिथि 29 अप्रैल को अपना नामांकन वापस ले लिया था, जिससे कांग्रेस 72 वर्षों में पहली बार इंदौर लोकसभा की दौड़ से बाहर हो गई थी. इसके बाद बम BJP में शामिल हो गए थे. इसमें कैलाश विजयवर्गीय की बड़ी भूमिका थी. कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार अक्षय कांति बम को विजयवर्गीय ने अपनी कार में बैठाया और नामांकन वापसी के समय साथ थे.
कांग्रेस के मैदान में नहीं होने के कारण मौजूदा BJP सांसद शंकर लालवानी ने 11.75 लाख वोटों से जीत हासिल की, जो 2024 के लोकसभा चुनावों में देश भर में सबसे बड़ी जीत है, जिसके परिणाम 4 जून को घोषित किए गए थे. लालवानी ने बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार संजय सोलंकी को हराया था.