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'स्टार प्रचारक घोषित करने की जरूरत नहीं, मैं खुद सुपरस्टार...', बोलीं Uma Bharti

उमा भारती ने कहा, कल तक मैं इंतजार करती रही कि पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की तरफ से बयान आ जाए. मैंने उनको मेल भी किया. मैंने कहा कि मेरे जैसे कार्यकर्ता की वरिष्ठता का सम्मान करिए. जब मैं कारण बताते हुए चुनाव न लड़ने की बात कह चुकी हूं तो उसे जनता के सामने स्पष्ट कर दीजिए.

मुझे स्टार प्रचारक घोषित करने की कोई जरूरत नहीं. मुझे स्टार प्रचारक घोषित करने की कोई जरूरत नहीं.
हेमेंद्र शर्मा
  • भोपाल,
  • 07 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 8:58 PM IST

आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने बीते दिनों 195 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया. इस पहली सूची में जब फायर ब्रांड नेता उमा भारती (Uma Bharti) का नाम नहीं आया तो तरह-तरह की चर्चाएं होनी लगीं. अब उमा भारती ने खुद सामने आकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया कि उन्होंने ही चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है. इसकी वजह भी उन्होंने संगठन के सबसे बड़े पदाधिकारी को बताई है. पार्टी को जहां मेरी जरूरत पड़ेगी, मैं प्रचार करूंगी. मुझे स्टार प्रचारक घोषित करने की कोई जरूरत नहीं है. मैं खुद को सुपरस्टार मानती हूं.

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उमा भारती ने कहा, पिछले तीन-चार दिन से मुझे एक चर्चा का सामना करना पड़ा कि कहां से चुनाव लड़ रही हूं, क्यों नहीं लड़ी रही हूं. 22 जनवरी को मैं संगठन के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति को बता चुकी हूं कि दो साल चुनाव नहीं लड़ूंगी. जब मैं राम मंदिर (Ram Mandir) प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान आगे की पंक्ति में बैठी थी तो अयोध्या आंदोलन की यादें ताजा हो गईं. मुझे लगा कि किसकी वजह से आज ये पल देखने को मिल रहा है. तो वो थे अशोक सिंघल (Ashok Singhal) जी. उनकी दृढ़ता का परिणाम था कि प्राण प्रतिष्ठा हो पाई. 

'मेरी दृढ़ता में कोई कमी रह गई जो गंगा का काम वहीं ठहर गया'

उसी समय मुझे लगा कि मेरी दृढ़ता में कोई कमी रह गई जो गंगा का काम वहीं ठहर गया. इससे मेरा मन उन 5-6 घंटे में बहुत व्याकुल हुआ. उस समय मैं उनके पास (संगठन के व्यक्ति) बैठी थी. मैंने उनसे कहा कि अगर मैं चुनाव लड़ी तो संसदीय क्षेत्र और गंगा का काम दोनों एक साथ नहीं हो पाएंगे. इसलिए मुझे दो साल के लिए पूरी स्वतंत्रता चाहिए. इस बीच मैं खुद को इस काम में झोंक दूंगी. 

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उन्होंने कहा कि गंगा में कोई विवाद नहीं है. इस पर सभी एक हैं. योजना भी बन चुकी है. मंजूरियां भी हो चुकी हैं. बस गति कम हो गई है. पीएम मोदी की भी गंगा के कार्य में आस्था और रुचि रही है. उन्होंने (जिनके पास बैठी थी) कहा कि ये बात बीएल संतोष (BL Santosh) जी से कह देना. ताकि संगठन को जल्दी खबर मिल जाए. 

'मैंने कहा कि मेरे जैसे कार्यकर्ता की वरिष्ठता का सम्मान करिए'

इसके बाद 24 फरवरी को मैं संगठन मंत्री से मिली. मैंने संतोष जी से कहा कि आपको जरूरत पड़ी तो मैं प्रचार करूंगी. मोदी जी अकेले 400 सीटें लेकर आएं. गठबंधन इससे भी ज्यादा सीटें लाए लेकिन मैं अभी चुनाव लड़ सकती क्योंकि मेरे लिए गंगा (Ganga) के अलावा कुछ महत्व नहीं रखता. इसलिए मुझे दो साल दीजिए. साथ ही संगठन और सरकार दोनों का साथ चाहिए. संतोष जी ने कहा ये बात मैं सबसे कह दूंगा.

उमा भारती ने कहा, कल तक मैं इंतजार करती रही कि इस संबंध में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) की तरफ से बयान आ जाए. मैंने उनको मेल भी किया. मैंने कहा कि मेरे जैसे कार्यकर्ता की वरिष्ठता का सम्मान करिए. जब मैं कारण बताते हुए चुनाव न लड़ने की बात कह चुकी हूं तो उसे जनता के सामने स्पष्ट कर दीजिए. मैं पार्टी की वरिष्ठ कार्यकर्ता हूं. ऐसे व्यक्ति के आत्मसम्मान का ध्यान रखना होगा.

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