भोपाल गैस त्रासदी के 40 वर्षों बाद, यूनियन कार्बाइड फैक्टरी के विषैले कचरे को पीथमपुर में वैज्ञानिक तरीके से निपटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है. प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की देखरेख में कचरे को तीन दिनों तक जलाया जाएगा, जिसके बाद राख और अन्य अवशेषों का निपटान किया जाएगा. इस प्रक्रिया को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा और अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में जमा की जाएगी. इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण सुरक्षा सुनिश्चित करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे से बचाना है.