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कभी IAS सुजाता कार्तिकेयन की ओडिशा में तूती बोलती थी, अब अचानक लिया VRS

ओडिशा कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुजाता आर कार्तिकेयन ने अचानक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले लिया है. सरकार से उन्हें उसकी अनुमति भी मिल गई है.

IAS सुजाता कार्तिकेयन ने लिया VRS IAS सुजाता कार्तिकेयन ने लिया VRS
aajtak.in
  • भुवनेश्वर,
  • 30 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 7:33 AM IST

ओडिशा कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुजाता आर कार्तिकेयन ने अचानक  स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले लिया है. कार्तिकेयन बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक के पूर्व करीबी सहयोगी वीके पांडियन की पत्नी हैं. फिलहाल उन्हें वीआरएस की अनुमति मिल गई है. इस बात की जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को दी.

जानकारी के मुताबिक कार्तिकेयन के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के अनुरोध को मंजूरी देने की सूचना कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय में अवर सचिव भूपिंदर पाल सिंह ने एक पत्र के माध्यम से ओडिशा के मुख्य सचिव मनोज आहूजा को दी.

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यह भी पढ़ें: 'हेलिकॉप्टर यात्राओं पर सवाल', नवीन पटनायक के करीबी वीके पांडियान के खिलाफ जांच शुरू

पत्र में कहा गया है, "... यह सूचित किया जाता है कि केंद्र सरकार ने एआईएस (डीसीआरबी) नियम, 1958 के नियम 16 ​​(2ए) के तहत तीन महीने की अनिवार्य नोटिस अवधि में छूट देते हुए 13.03.2025 से आईएएस से सुजाता आर कार्तिकेयन, आईएएस (आरआर-2000) की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के अनुरोध को मंजूरी दे दी है. इसके अलावा, ओडिशा सरकार से अनुरोध है कि वह इस संबंध में आवश्यक 'अधिसूचना' जारी करे"

2000 बैच के ओडिशा कैडर के अधिकारी कार्तिकेयन वित्त विभाग में विशेष सचिव थीं. सूत्रों ने बताया कि उन्होंने दो निजी कारणों से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया था. नौकरशाह से राजनेता बने उनके पति वीके पांडियन ने भी अक्टूबर 2023 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी और पटनायक की अध्यक्षता वाले बीजू जनता दल (बीजेडी) में शामिल हो गए थे. हालांकि, पिछले साल विधानसभा चुनावों में बीजेडी की हार के बाद पांडियन ने सक्रिय राजनीति छोड़ दी थी.

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मई 2024 में पद का दुरुपयोग करने के आरोपों में चुनाव आयोग ने कार्तिकेयन को एक ऐसे विभाग में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था, जहां वह जनता से नहीं मिल सकती थीं. वहीं, बीजद के 2024 में चुनाव हारने के बाद कार्तिकेयन छह महीने की छुट्टी पर चली गईं थीं. उन्हें पिछले साल 26 नवंबर तक की छुट्टी दी गई थी, लेकिन राज्य की बीजेपी सरकार ने छुट्टियों को आगे बढ़ाने के आवेदन को खारिज कर दिया था.

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